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दीपावली की आधी रात खंडवा में होगा मां महालक्ष्मी का अद्भुत शृंगार, 9.5 मीटर की कोसा साड़ी में देंगी दर्शन

-मां महालक्ष्मी को पहनाई जाएगी जबलपुर से लाई गई खास कोसा साड़ी, रात 12:36 बजे शुरू होगी कोशांबा पूजा -दक्षिण भारतीय पद्धति की पूजा का विशेष महत्व, दीपावली पर दिनभर होंगे धार्मिक आयोजन
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खंडवा

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Manish Arora

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Updated: 2 Nov 2026, 11:58 AM IST

Mahalaxmi Temple Diwali Puja

खंडवा. दीपावली पर्व के लिए सजा महालक्ष्मी मंदिर।

शहर के एकमात्र श्री महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली पर माता महालक्ष्मी की विशेष कोशांबा पूजा होगी। अद्र्ध रात्रि में होने वाले इस विशेष पूजन में माता का जबलपुर से लाई गई विशेष कोसा की साढ़े 9 मीटर की साड़ी से शृंगार किया जाएगा। साथ ही कमलपुष्प से माता को सजाया जाएगा। दीपावली पर महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस से लेकर भाई दूज तक छह दिवसीय दिवसीय धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

दक्षिण भारतीय पद्धति से होगी कोशांबा पूजा

श्री महालक्ष्मी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि 8 नवंबर दीपावली महापर्व और हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। प्रात: 6 बजे काकडा आरती, विशेष पूजन शृंगार आरती 8 बजे, 9 बजे यम दीपदान, 10 बजे विशेष पूजन कुमकुम अर्चन, 12 बजे मध्याह्न आरती, शाम 7 बजे विशेष शृंगार, रात्रि 8 बजे महालक्ष्मी की महाआरती होगी। रात्रि 12.36 बजे महानिशा काल सिंह लग्न में दक्षिण भारतीय पद्धति द्वारा पं. बसंत महोदय द्वारा कोशांबा पूजन द्राक्षा अर्चन, तर्पण मार्जन विशेष पूजन होगा।

कोशांबा पूजन का महत्व

मंदिर के पुजारी पं. वसंत महोदय ने बताया कि इस पूजन की महत्ता यह होती है कि महानिशा काल में माता लक्ष्मी को कोसा की साडी में विशेष शृंगार किए जाने पर ही कोशांबा पूजन किया जाता है। यह साडी वर्ष में सिर्फ दीपावली के दिन रात्रि में ही माता लक्ष्मी को पहनाई जाती है। पूजन के दर्शन मात्र से मानव का कल्याण होता है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राम होती है। यह पूजन रात्रि रात 12.36 बजे से आरंभ होकर रात 2.47 बजे तक चलेगा। इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

छह दिवसीय आयोजन होंगे

मंदिर ट्रस्ट कोषाध्यक्ष शैलेष पालीवाल ने बताया कि धनतेरस पर 6 नवंबर को काकड़ा आरती, शृंगार आरती, विशेष पूजा और शाम 7 बजे विशेष शृंगार धन्वंतरि पूजा, कुबेर आह्वान, कुबेर पोटली निर्माण होगा। शनिवार 7 नवंबर को रूप चतुर्दशी पर शाम 7 बजे यमदीप दान पूजा होगी। 9 और 10 नवंबर को सोमवती अमावस्या और गोवर्धन पूजा का आयोजन होगा। भाई दूज पर 11 नवंबर को चित्रगुप्त एवं लेखनी पूजन, 256 प्रकार के नैवेध अर्पण किए जाएंगे। शाम 4 से 6 बजे तक अन्नकूट वितरण व भंडारा प्रसादी का आयोजन होगा।