
खंडवा/ओंकारेश्वर (पत्रिका). भारत वर्ष में चार पीठों की स्थापना करने वाले आदि शंकराचार्य अद्वैत वेदांत के प्रणेता थे। शंकर के अवतार कहे जाने वाले आदि शंकराचार्य ने इसी ओंकारेश्वर में तपस्या की थी। भोलेनाथ की नगरी और शंकराचार्य की तपस्थली में आदिगुरु की विशालकाय १०८ फीट ऊंची होगी अष्टधातु की प्रतिमा लगने जा रही है जो अद्भुत और अलौकिक होगी। यदि इस प्रतिमा के लिए किसी ने एक लोहे की कील भी दान में दे दी तो बहुत बड़ा दान माना जाएगा। इसलिए हर आदमी इस अष्टधतु की प्रतिमा के लिए दान करके अपनी सहभागिता कर सकता है।
यह बात प्रभारी मंत्री और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने शुक्रवार को ओंकारेश्वर में आयोजित एकात्मक यात्रा की बैठक में कही। तीर्थमेला विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और यात्रा प्रभारी विजय दुबे ने कहा आदि शंकराचार्य अपने जीवनकाल में देश के जिन जिन भागों में गए थे, उन सभी तीर्थ स्थानों से भी धातु कलश व मिट्टी एकात्म यात्रा के समापन के दौरान ओंकारेश्वर पहुंचेगी। आदिगुरु अपनी पद यात्रा के दौरान नेपाल के पशुपतिनाथ और पाक अधिकृत कश्मीर के एक धार्मिक स्थल गए थे, जहां से कलश और मिट्टी मंगाने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐतिहासिक आयोजन...
प्रभारी मंत्री जैन ने कहा 19 दिसंबर से एकात्म यात्रा प्रदेश के चार प्रमुख स्थानों से रवाना होगी। सभी पंचायतों से एक-एक धातु के कलश में मिट्टी रखकर एकात्म यात्रा के माध्यम से 21 जनवरी तक ओंकारेश्वर आएगी। यह एक एेतिहासिक आयोजन है। इसलिए जिले के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, संतों, अधिकारी-कर्मचारियों को अपने-अपने स्तर से एकात्म यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।
1200 साल पहले शंकाराचार्य ने की थी पदयात्रा
सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा लगभग 12०० वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य ने देश व समाज को जोडऩे के लिए पूरे देश की पदयात्रा की। अपने 32 वर्ष के छोटे से जीवनकाल में आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ, रामेश्वरम जगन्नाथपुरी व द्वारकापुरी में चारधामों की स्थापना की। तीर्थनगरी में शंकराचार्य गुफा का सौंदर्यीकरण, जीवन दर्शन पर केन्द्रित लाइट साउंड शो जल्द ही प्रारंभ होगा।
8 जगह जनसंवाद
19 दिसम्बर से 22 जनवरी के बीच यह यात्रा प्रदेश के चार हिस्सों में निकलेगी। यात्रा करीब २०० गांवों से होकर निकलेगी। इसमें जिले के 8 स्थानों पर जनसंवाद कार्यक्रम होंगे।
ये रहे उपस्थित...
बैठक में शिक्षा मंत्री विजय शाह, विधायक लोकेन्द्र सिंह तोमर, देवेन्द्र वर्मा, योगिता बोरकर, मप्र जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष प्रदीप पांडेय, महापौर सुभाष कोठारी, जिला योजना समिति के सदस्य हरीश कोटवाले, जिपं सीईओ वरदमूर्ति मिश्र, महामंडलेश्वर सचदानंद महाराज, हनुमानदास महाराज, शिवोहम भारती, दिलीप गिरी महाराज, कैलाश भारती महाराज सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहे।
ये है यात्रा की तैयारी
200
पंचायतों से निकलेगी कलश यात्रा
20
हजार ग्रामीण होंगे शामिल
19
दिसंबर को ओंकारेश्वर से शुरुआत
22
दिसंबर को ओंकारेश्वर में कार्यक्रम