खंडवा

जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे जिला पंचायत सदस्य, स्थाई समितियों की नहीं हो रहीं रेगुलर बैठकें

पत्रिका ने जिला पंचायत की स्थाई समितियों के सभापतियों से जानकारी ली तो स्थाई समितियों की बैठक को लेकर कोई 10 माह तो किसी को पता ही नहीं की अंतिम बैठक कब हुई, यही नहीं महिला सदस्य ने कहा शिक्षा समिति की बैठक आज तक नहीं बुलाई गई।

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May 08, 2026
खंडवा : जिला पंचायत में स्थाई समितियों की बैठकें नहीं हो रही हैं, एआई फोटो

पत्रिका ने जिला पंचायत की स्थाई समितियों के सभापतियों से जानकारी ली तो स्थाई समितियों की बैठक को लेकर कोई 10 माह तो किसी को पता ही नहीं की अंतिम बैठक कब हुई, यही नहीं महिला सदस्य ने कहा शिक्षा समिति की बैठक आज तक नहीं बुलाई गई।

जनता ने सदस्यों को चुनकर भेजा है

जिला पंचायत सदस्यों को जनता ने क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने चुनकर पंचायत की सदन में भेजा है। लेकिन सदस्य जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जनता को उम्मीद थी कि हमारे सदस्य गांव में समग्र विकास स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क जैसे विकास कार्यों का ढांचा सुनिश्चित करेंगे। सरकारी योजनाओं को गांव तक पहुंचाएंगे। अधिकारियों से योजनाओं की क्रियान्वयन के लिए चर्चा करेंगे। लेकिन जब बैठकें ही एक-एक साल से नहीं हो रही है तो विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर चर्चा क्या खाक करेंगे।

भगवान भरोसे स्थाई समितियां

जिला पंचायत की अधिकांश बैठकें हंगामा की भेंट चढ़ गईं हैं। कुछ बैठकों को छोड़ दे तो अधिकतर बैठकें सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रहीं। स्थाई समितियों की बैठकें तो भगवान भरोसे हैं। अधिकतर समितियों की बैठकें एक साल से नहीं हो रहीं हैं। जबकि नियम है कि स्थाई समितियों की बैठकें हर माह 15 तारीख को अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। दिलचस्प यह कि गुरुवार को पत्रिका ने स्थाई समितियों के कुछ सभापतियों और उनके सदस्यों से चर्चा की तो अधिकांश को मालूम ही नहीं की अंतिम बैठक कब हुई थी। यही नहीं कई सदस्यों ने तो यहां तक कहा कि सभापति बैठकें ही नहीं बुला रहे हैं।

शिक्षा समिति की बैठक आज तक नहीं हुई

स्थाई शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष दिव्यादित्य शाह हैं। उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। लेकिन महिला सदस्य पल्लवी सिंह का कहना है कि स्थाई शिक्षा समिति की बैठक आज तक नहीं हुई। इसी तरह रक्षाबाई सावनेर, पल्लवी सिंह राठौड़, भग्यश्रीगंगराडे आदि ने कहा दस माह पहले अंतिम बैठक हुई थी। जल्द बैठक बुलाएंगे। विभागीय विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे।

बैठक बुलाने वाले हैं

छह माह पहले नए डीडीए ने चार्ज लिया था, तब बैठक हुई थी। किसानों की समस्याओं को लेकर इसी माह में बैठक बुलाने वाले हैं। तैयारियां चल रही हैं।

जितेंद्र भाटे, सभापति, कृषि स्थाई समिति

डीएफओ पत्र भेजा हूं

दस माह पहले बैठक हुई थी। बैठकों बुलाने के लिए डीएफओ को पत्र लिखा हूं। लेकिन वे बैठक नहीं बुला रहे हैं। जिपं स्टेनों के माध्यम से डीएफओ को पत्र भेजा है। इसके बाद भी बैठक नहीं बुलाई जा रही है।

मनोज भरतकर, सभापति, जैव विविधता समिति

ये है नियम

जिपं की स्थाई समितियों की बैठक हर माह अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। मप्र जिपं कार्य नियम 1988 के तहत, बैठकों में संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा, विकास कार्यों की योजना बनाने के लिए की जाती है। बैठकें प्रत्येक माह के 15 तारीख तक किए जाने का प्रावधान है। सभी समितियां बैठकें कर विवरण, कार्यवाही का प्रतिवेदन जिपं कार्यालय भेजना ।

इन समितियों का गठन

सामान्य प्रशासन, कृषि, शिक्षा, संचार एवं निर्माण कार्य, सहकारिता उद्योग, वन, जैव विविधता, महिला बाल विकास की स्थाई समिति गठित की गई है। सभी को हर माह विभाग स्तर पर बैठकें करना अनिवार्य है। सभापतियों की अध्यक्षता में बैठक होना अनिवार्य है।

अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रावधान

स्थाई समितियों की बैठकों में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ ही बजट, विकास कार्यों का क्रियान्वयन के साथ ही नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार है। बैठकों में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रावधान है।

Published on:
08 May 2026 11:50 am
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