
करवा चौथ का पर्व पति की लंबी उम्र की कामना और प्रेम के अटूट विश्वास का प्रतीक है। लेकिन जब पति-पत्नी के बीच फासले हों, तो त्योहार की खुशियों में इंतजार भी शामिल हो जाता है। कोई शासकीय कर्तव्य निभाते हुए पति से दूर है, तो किसी का सुहाग देश की सरहद पर तैनात है। दूरियां भले साथ होने का सुख छीन लें, लेकिन प्रेम, समर्पण और विश्वास के धागे रिश्तों को मजबूती से बांधे रखते हैं।
सात फेरों से जुड़ा रिश्ता और शासकीय कर्तव्यों की जिम्मेदारी। इस करवा चौथ पर ज्योति गर्ग के लिए यही रिश्ते की असली खूबसूरती है। पिंकी खटवासे के पति जम्मू-कश्मीर में देश की सुरक्षा में तैनात हैं। त्योहार पर उनकी कमी जरूर खलती है, पर इस गर्व के आगे दूरी छोटी लगती है कि उनके पति देश की रक्षा में डटे हैं।
हाउसिंग बोर्ड की कार्य पालन यंत्री ज्योति गर्ग कहती हैं शासकीय सेवा में कर्तव्यनिष्ठा और निजी जीवन में रिश्तों की संवेदनशीलता, दोनों का अपना महत्व है। पति कटनी में पदस्थ हैं और मैं अपने कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां निभा रही हूं। इस करवा चौथ पर भी दूरी है, लेकिन प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति सम्मान हमें भावनात्मक रूप से जोड़े रखते हैं। मेरे लिए जीवन का वास्तविक संतुलन यही है कि कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन हो और रिश्तों की गरिमा भी बनी रहे।
पिंकी खटवासे के पति सुरेश खटवासे सेना में है। करवा चौथ पर उनका कहना है कि पति का साथ न होना खलता है, लेकिन इस बात का गर्व भी है कि वे देश की सुरक्षा में तैनात हैं। त्योहार पर उनकी कमी महसूस होती है, मगर मन को यह सुकून मिलता है कि उनकी जिम्मेदारी देश की रक्षा से जुड़ी है। मैं व्रत रखकर उनके सुरक्षित रहने और सकुशल घर लौटने की कामना करती हूं। मेरे लिए पति का प्रेम और देश की सुरक्षा, दोनों भावनाएं अनमोल हैं।