
खंडवा. मप्र के सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट की आवासीय कॉलोनी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कॉलोनी के ४० से अधिक घरों को अपनी चपेट में ले लिया। कमरों में रखे ७ एलपीजी गैस सिलेंडरों में ब्लॉट हो गया। जिससे स्थिति और अधिक भयानक हो गई। एक-एक कर धमाके से पूरा क्षेत्र दहल गया।
प्रदेश की बिजली उत्पादन इकाई की कॉलोनी में आग लगने से पूरा जिला प्रशासन हरकत में आया और ताबड़तोड़ प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। बिजली उत्पादन में लगे ४५० मजदूरों का सबकुछ जलकर तबाह हो गया। दो घंटे में आग में सब जल गया। खंडवा सहित अन्य स्थानों से २५ से अधिक फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया।
शार्ट सक्रिट से साल में छह बार लगी आग
परियोजना की यूनिट में काम करने वाली सांईराम, बेसटक, लवली, एकता, नयू बोलड और अन्य कंपनियों के 450 से ऊपर मजदूरों का सब कुछ हुआ तबाह हो गया। क्योंकि एक दिन पहले ही उन्हें बोनस व वेतन मिला था। जिसके लिए वह आंदोलन कर रहे थे। आग लगने के बाद इंचार्ज भाग खड़ा हुआ। साल में छह बार आग लगी चुकी है। क्योंकि शार्टसक्रिट से यह हादसा हुआ है।
प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर अतिरिक्त बल लगा
जैसे ही मजदूर कॉलोनी में आग लगने की घटना फेलने लगी तो वैसे ही क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी आया हरकत में आए। लेबर कॉलोनी बार-बार की घटनाओं से वह भी हो चुके हैं परेशान मजदूरों को किया आग से दूर। परियोजना में आया अतिरिक्त बल भी पहुंचा नायब तहसीलदार रमेश चौधरी थाना प्रभारी नीरज कुमार चौकी प्रभारी अमित कोरी भी आग को बुझाने में मशक्कत करते रहे।
इन ब्लॉकों के 40 क्वार्टर खाक, १० में मामूली नुकसान
आग लगने की घटना के कारण 5 से 6 गेस टंकियों में जो विस्फोट हुआ उसके कारण ब्लॉक के और एल पूरी तरह नेस्तनाबूद हो गया। एक ब्लॉक में 20 कमरे होते हैं और दो ब्लॉक में 40 कमरे हुए आग के हवाले। लापरवाहियों के कारण मजदूरों की उम्मीदें हुई जलकर खाक। अपना सब कुछ गवा चुके हैं इन में रहने वाले मजदूर ओ ब्लाक के 10 क्वार्टरों को भी आप ने मामूली से अपने कब्जे में ले लिया है परंतु वहां ज्यादा नहीं हुआ नुकसान।