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कलेक्टर खंडवा की जनसुनवाई में अधिकारियों को खुली चुनौती, 7 दिन में पुलिया नहीं बनी तो आंदोलन

-नेता प्रतिपक्ष, क्षेत्रीय पार्षद और पूर्व पार्षद के साथ पहुंचे खानशाहवली वार्डवासी -अपर कलेक्टर से नेता प्रतिपक्ष की जमकर बहस, कहा -ये मनमानी चल रही है
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खंडवा

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Manish Arora

Jul 08, 2026

public hearing

खंडवा. अपर कलेक्टर से बहस करते नेता प्रतिपक्ष, पार्षद व पूर्व पार्षद।

खानशाहवली वार्ड को बडग़ांव भीला रोड से जोडऩे वाली नाले की पुलिया को तोडऩे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर, पार्षद शब्बीर कादरी और पूर्व पार्षद हाशिम पटेल ने अधिकारियों को खुली चुनौती दी कि सात दिन में पुलिया नहीं बनी तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष की अपर कलेक्टर केआर बड़ोले से जमकर बहस भी हुई।

आक्रोशित लोग पहुंचे जनसुनवाई में

पिछले दिनों नगर निगम ने बडग़ांव भीला नाले की पुलिया को अवैध अतिक्रणम बताकर तोड़ दिया था। जिसके बाद से खानशाहवली वार्डवासी पुलिया को लेकर आक्रोशित है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने कहा कि एक समुदाय के साथ पक्षपात किया जा रहा है। पुलिया टूटने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। ऐसा चलेगा तो खंडवा कभी विकास नहीं कर पाएगा। आक्रोशित होते हुए मुल्लू राठौर ने यह तक कह डाला कि मेरा दिमाग खराब हो रहा है, अब मैं अधिकारियों को भी नहीं छोडुंगा।

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पूर्व महापौर के समय वैध, अब अवैध

पूर्व पार्षद हाशिम पटेल ने बताया कि उनके कार्यकाल में पुलिया स्वीकृत की गई थी। एमआइसी की बैठक में इसे तत्कालीन महापौर सुभाष कोठारी ने स्वीकृत करते हुए बनवाया था। अब तक पुलिया वैध थी और अब कुछ कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने पुलिया अवैध हो गई। नेता प्रतिपक्ष, पार्षद, पूर्व पार्षद व रहवासियों ने सात दिन में पुलिया को बनाने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

सार्थक ऐप पर हाजरी नहीं लगाई तो रोक दिया वेतन

कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार जनसुनवाई में बड़ी गहमा गहमी रही। विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग पहुंचकर अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपे। कृषि विस्तार अधिकारियों ने सार्थक एप पर हाजरी नहीं लगाने पर वेतन रोकने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। वहीं, कोटवार संघ ने भी अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा। स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर कलेक्टर से गुहार लगाई।

कृषि विस्तार अधिकारियों ने रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन

मप्र कृषि विस्तार अधिकारी संघ अध्यक्ष गणेश रससोरे, सचिव धीरेंद्रसिंह राजावत सहित बड़ी संख्या में कृषि विस्तार अधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। संघ ने बताया कि एक पक्षीय निर्णय लेकर सार्थक ऐप पर उपस्थिति नहीं लगाने के कारण माह जून का वेतन रोक दिया गया है। भोपाल प्रांतीय संघ के आह्वान पर सभी जिलों में सार्थक ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है। वेतन रोकने से कृषि विस्तार अधिकारियों को आर्थिक हानि हुई है। संघ ने अविलंब वेेतन भुगातन की मांग की।