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खंडवा की पार्वती बाई धर्मशाला की 72 दुकानों का किराया 10 गुना तक बढ़ाया, दुकानदारों में हडक़ंप

-खंडवा विधायक के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे दुकानदार, लगाई गुहार -कलेक्टर ने कहा -वर्तमान बाजार भाव से किया किराया तय, जांच के बाद लेंगे निर्णय
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खंडवा

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Manish Arora

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Updated: 8 Jul 2026, 11:59 AM IST

Parvati Dharamshala

खंडवा. विधायक के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंचे धर्मशाला के दुकानदार।

प्राचीन पार्वती बाई धर्मशाला की 72 दुकानों का किराया प्रशासन ने बढ़ाया है। यहां किराये की दर में 10 से 15 गुना वृद्धि होने के नोटिस मिलने से दुकानदारों में हडक़ंप मचा हुआ है।

आय से धर्मशाला का जीर्णोद्धार
सोमवार को विधायक कंचन मुकेश तनवे के साथ धर्मशाला के सभी दुकानदार कलेक्टर से मिलने पहुंचे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि वर्तमान बाजार दर से ही किराया तय किया गया है। इसका उपयोग धर्मशाला के जीर्णोद्धार में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि धर्मशाला 1923 में जबलपुर की सेठानी पार्वतीबाई द्वारा बनाई गई थी। इस धर्मशाला में रेल मार्ग से आने वाले यात्री, निराश्रित लोग बेहद कम किराये में आज भी रुकते है। धर्मशाला की आय के लिए यहां दुकानें भी बनाई गई थी, जो नाममात्र के किराये पर चल रही है।

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वर्गफीट के हिसाब से तय किया किराया

पिछले दिनों कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पार्वती बाई धर्मशाला का निरीक्षण किया था। इस दौरान इसकी जीर्णशीर्ण अवस्था देखकर जीर्णोद्धार की बात कही थी। यहां कर्मचारियों ने बताया था कि धर्मशाला की आय ज्यादा नहीं है। जिसके बाद कलेक्टर ने यहां धर्मशाला की दुकानों की नप्ती कर वर्ग फीट के हिसाब से किराया लागू करने को कहा था। यहां जून माह तक दुकानदारों से 10 रुपए स्क्वेयर फीट किराया लिया जा रहा था। नप्ती के बाद एक जुलाई से धर्मशाला प्रबंधन ने सभी दुकानदारों को 100 रुपए वर्गफीट के हिसाब से किराये का नोटिस जारी किया था। जिसके बाद दुकानदारों में हलचल मची हुई थी।

निगम की दुकानों का किराया इससे कम

दुकानदारों ने बताया कि जिस दुकान का किराया 500 रुपए था, उसे बढ़ाकर सीधे साढ़े 5 हजार कर दिया है। जिस दुकान का किराया 6 हजार रुपए है, उसे 52 हजार कर दिया है। दुकानदारों ने बताया कि उनके बुजुर्गों द्वारा दुकानें ली गई थी, जिसे 50 साल से ज्यादा का समय हो चुका है। हर साल किराया वृद्धि की जाती है, जो कि स्वीकार है, लेकिन इस तरह से बेतहाशा वृद्धि अनुचित है। दुकानदारों ने बताया कि नगर निगम की कई दुकानों का किराया, उनकी दुकानों से भी कम है। कलेक्टर ने इस मामले में एसडीएम को किराया सूची जांच कर आगे की कारवाई को कहा है।