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अंग्रेजों की सत्ता वाले खंडवा कलेक्ट्रेट भवन की जगह 27 करोड़ की लागत से बनेगा कलेक्ट्रेट का नया जी प्लस 3 भवन

-नए कलेक्ट्रेट भवन में एक ही छत के नीचे सभी विभागों की मिलेगी सेवाएं -पुनर्घनत्वीकरण योजना में गांजा गोदाम, पुराना पशु चिकित्सालय भी नया बनेगा -निजी लोगों को दिए जाएंगे भवन, उसकी जगह हरसूद रोड पर बनाकर देंगे नए भवन
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खंडवा

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Manish Arora

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Updated: 11 Jun 2026, 11:54 AM IST

British-era Collectorate building

खंडवा. अंग्रेजों के शासन काल 1919 में बना कलेक्ट्रेट भवन।

खंडवा कलेक्ट्रेट के अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 107 साल पुरान भवन की जगह अब नया जी प्लस 3 भवन बनेगा, जिसमें आधुनिक व्यवस्थाएं भी रहेेगी। इसके लिए राज्य शासन ने जिला प्रशासन को मंजूरी दे दी है। करीब 27 करोड़ की लागत से नया कलेक्ट्रेट भवन बनाया जाएगा। इसके साथ ही पुनर्घनत्वीकरण योजना में गांजा गोदाम आबकारी कार्यालय और पुराना पशु चिकित्सालय भवन भी नया बनाया जाएगा।

तीन मंजिला बिल्डिंग में होगी सारी सुविधाएं

वर्तमान कलेक्ट्रेट भवन वर्ष 1919 में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया था। यहां फिलहाल कलेक्टर कार्यालय सहित सभाकक्ष, अपर कलेक्टर कक्ष, सिटी मजिस्ट्रेट कक्ष, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय संचालित हो रहा है। अब इस कलेक्ट्रेट कार्यायल के लिए नए भवन को शासन ने स्वीकृति दी है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि नया कलेक्ट्रेट भवन खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय और जिला कोषालय कार्यालय की जगह पर बनाया जाएगा। इस तीन मंजिला भवन में सारी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। कलेक्ट्रेट से जुड़े सभी विभागों को यहां शिफ्ट किया जाएगा।

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कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदलेगा गांजा गोदाम

कलेक्ट्रेट के नए भवन के साथ ही पड़ावा स्थित पुराना पशु चिकित्सालय और पुलिस कंट्रोल रूम के सामने आबकारी कार्यालय गांजा गोदाम को भी नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत गांजा गोदाम और पशु चिकित्सालय को दिया जाएगा। दोनों भवनों को लेने वाले को हरसूद रोड पर नए भवन बनाकर देने होंगे। गांजा गोदाम का नया भवन 9 करोड़ की लागत से और पशु चिकित्सालय और स्टाफ क्वार्टर 6 करोड़ की लागत से बनेंगे। दोनों पुराने भवनों की जगह कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाए जा सकते है।

ब्रिटिशकालीन सत्ता का प्रतीक पुराना भवन

ब्रिटिश काल में बनाए गए खंडवा कलेक्टोरेट भवन अपना 107 साल का सफर पूरा कर चुका है। कलेक्टोरेट भवन शहर में ब्रिटिशकालीन सत्ता के रहने का प्रतीक है। ब्रिटिश कारीगरों ने पत्थरों की मदद से इसका निर्माण किया, जो वर्षों पुरानी भवन निर्माण की पद्धति को दर्शाता है। इतिहासकार बताते हैं कि अंग्रेजों ने कलेक्टोरेट भवन को 15 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में वर्ष 1919 में बनवाया था। इससे पहले तक कलेक्टोरेट मौजूदा कोषालय से चलता था।

सभी विभाग एक ही छत के नीचे

कलेक्ट्रेट के नए भवन का प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। नए भवन में सभी सरकारी विभागों को एक ही छत के नीचे लाया जाएगा ताकि आम जनता को अपने कामों के लिए अलग-अलग जगह न भटकना पड़े।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर