मध्यप्रदेश के खंडवा में भाजपा सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोल रहा है। जिपं बैठक में विधायक देवेंद्र वर्मा ने डीएफओ एसके सिंह को जूते मारने की धमकी दी।
खंडवा. जिला पंचायत सभागार में बुधवार को चल रही साधारण सभा में वन विभाग के अधिकारी का जवाब सुन विधायक विफर गए। उन्होंने डीएफओ को जूते तक मारने की धमकी दे डाली। विधायक की बात से नाराज जिले के अधिकारी कोतवाली थाना पहुंचे और विधायक देवेन्द्र वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं पुलिस ने अदमचेक की कार्रवाई की है। एमपी में इसे भाजपा सत्ता का नशा ही कहेंगे जो नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। नेता पार्टी की लगाम से बाहर जाने लगे हैं।
विधायक की रंगदारी, उल्टी भड़ गई भारी
दरअसल, साधारण सभा की बैठक के दौरान विधायक देवेन्द्र वर्मा ने डीएफओ एसके सिंह से 2 जुलाई को लगाए गए पौधों की सुरक्षा में कर्मचारी तैनात करने के लिए कहा। इस पर डीएफओ सिंह ने कहा वन विभाग की ओर से जो ३.५ लाख पौधे लगाए गए हैं। उनका अभी पेमेंट नहीं हुआ है और आए दिन सीएम हेल्पलाइन में पेमेंट नहीं होने की शिकायतें पहुंच रही हैं। अभी कर्मचारी तैनात करना संभव नहीं है। जैसे ही सभी का भुगतान हो जाता है तो हम वहां सुरक्षा के लिए कर्मचारी तैनात कर देंगे। जब तक यह व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक विभाग के कर्मचारी पौधों की देख-रेख कर रहे हैं।
विधायक पर ३ धाराओं में केस दर्ज
सभा में अधिकारी का यह जवाब विधायक वर्मा को नागवार गुजरा और उन्होंने अधिकारियों को पीटकर काम कराने की बात कही। जब डीएफओ सिंह ने इस बात पर आपत्ति की तो उन्होंने बैठक में ही जूते निकालकर डीएफओ को मारने के लिए कहा। इससे नाराज जिले के सभी अधिकारी बैठक छोड़कर कोतवाली पहुंच गए। साथ ही थाने में विधायक देवेन्द्र वर्मा के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। पत्र के आधार पर पुलिस ने धारा १८९,५०० और ५०४ के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
मैंने जूते मारने की बात नहीं कही
जब मैंने पौधरोपण की जानकारी मांगी तो डीएफओ ऊंची आवाज में जवाब देने लगे। मैंने जूते मारने की बात नहीं कही है। यदि डीएफओ मेरी शिकायत करते हैं तो मैं भी उनकी शिकायत करूंगा। देवेन्द्र वर्मा, विधायक, खंडवा