खंडवा

दीपावली से पहले महंगाई की मार, खंडवा में दालों के दाम 40 से 50 रुपए तक बढ़े

खंडवा. दीपावली से पहले महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कम बारिश से फसलों का उत्पादन प्रभावित होने, मंडियों में आवक घटने और त्योहारों के साथ आगामी विवाह सीजन की मांग बढ़ने से दाल, मसाले और चावल के दामों में तेजी आई है। बीते एक महीने में कई दालों के भाव 40 से 50 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है। त्योहार की तैयारियों के बीच बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी कीमतों में तेजी बने रहने की आशंका है।
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Updated: 26 Oct 2026, 12:09 PM IST
रविवार हाट बाजार में दाल दुकान पर खरीदी करते हुए ग्रामीण।
  • कम बारिश और सीमित आवक से बढ़े खाद्य पदार्थों के भाव, मसाले और चावल भी हुए महंगे

तुअर दाल 150 रुपए किलो तक पहुंची

दालों की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिल रहा है। एक महीने पहले 120 रुपए प्रति किलो बिकने वाली तुअर दाल अब 150 रुपए तक पहुंच गई है। चना दाल के भाव 80 से बढ़कर 93 रुपए प्रति किलो हो गए हैं। इसी तरह उड़द दाल 90 से बढ़कर 130 रुपए और मूंग दाल 90 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रही है। मसूर दाल के भाव 70 से बढ़कर 100 रुपए किलो हो गए हैं। वहीं, मोठ 70 से बढ़कर 135 रुपए और चवला दाल 90 से 140 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। कीमतों में इस तेजी का सीधा असर घरेलू रसोई के बजट पर पड़ रहा है।

जीरा, हल्दी और चावल भी हुए महंगे

दालों के अलावा मसालों और चावल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। जीरे के भाव 250 से बढ़कर 300 रुपए प्रति किलो हो गए हैं, जबकि हल्दी 265 से बढ़कर 330 रुपए किलो बिक रही है। चावल के दाम भी किस्म के अनुसार 52 से बढ़कर 80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से त्योहार के दौरान खरीदारी का खर्च बढ़ गया है।

कम बारिश और बढ़ती मांग का असर

रविवार हाट बाजार में दुकान लगाने वाले व्यापारी योगेश जाधव ने बताया कि महाराष्ट्र में इस बार कम बारिश होने से दलहनी फसलों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसका असर बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि वे 30 वर्षों से दालों का कारोबार कर रहे हैं, लेकिन इस बार महंगाई अधिक रहने के आसार बन रहे हैं।

बाजार में सीमित आवक कीमतें ऊंचे स्तर पर

किराना व्यापारी शशांक झवर के अनुसार, उत्पादन में कमी और बाजार में सीमित आवक के कारण कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। दीपावली और शादी-ब्याह के सीजन में मांग बढ़ने से भी बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आम परिवारों को त्योहार की खरीदारी के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। यह तेजी आने वाले समय में और बढ़ेगी।





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26 Oct 2026, 12:09 PM IST
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