
सीना तानकर खड़े अट्टाहस करते दशाशन का प्रभु श्रीराम वध कर बुराई का अंत करेंगे। विजया दशमी दशहरा पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। शहर में 150 से ज्यादा मोहल्लों में छोटे-बड़े रावण दहन का कार्यक्रम होगा। वहीं, बुराई रूपी रावण के पुतले इस बार सिर्फ 3 प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर दहन किए जाएंगे। इसके साथ ही भव्य आतिशबाजी के कार्यक्रम भी होंगे।
शहर में होने वाले पांच प्रमुख आयोजनों में इस बार सिंधी समाज द्वारा रावण दहन कार्यक्रम को निरस्त किया गया है। दशहरा कार्यक्रम स्थल नेहरू स्कूल मैदान पर चारों ओर बाउंड्रीवॉल बन जाने से सुरक्षा कारणों से 75वें वर्ष का आयोजन निरस्त किया गया है। वहीं, मां नवचंडी देवीधाम पर बाबा गंगाराम द्वारा इस बार बुधवार 21 अक्टूबर को दशहरा रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसके चलते मंगलवार को विजयादशमी के दिन सिर्फ तीन ही प्रमुख स्थानों पर रावण दहन होंगे।
श्री नीलकंठेश्वर अंजनी शक्ति दशहरा उत्सव समिति द्वारा स्टेडियम ग्राउंड पर रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष मृगेंद्र पगारे, सचिव सनमदत्त शर्मा ने बताया कि यहां 51 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। शाम 7.30 बजे से आतिशबाजी के साथ आयोजन शुरू होगा। यहां हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई समाज के वक्ता संबोधित करेंगे।
श्री नीलकंठेश्वर (गोलमोल बाबा) दशहरा उत्सव समिति भंडारिया रोड स्थित एसएन कॉलेज खेल मैदान पर दशहरा उत्सव आयोजित करेगी। अध्यक्ष बलराम वर्मा ने बताया कि 71 फीट ऊंचे रावण के साथ मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भी दहन होगा। शाम 7 से 9 बजे तक दो घंटे हरदा और बुरहानपुर के कलाकारों के बीच आतिशबाजी का मुकाबला होगा।
सांईराम नगर (रामनगर) में नवचेतना शक्ति संगठन द्वारा रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। समिति अध्यक्ष महेंद्र सिंह बाबू ने बताया कि यहां रात 8 बजे से रंगबिरंगी आतिशबाजी से कार्यक्रम शुरू होगा। रात 9 बजे बुराई रूपी 35 फीट के रावण का दहन किया जाएगा। रावण दहन को लेकर तैयारियां की जा रही है। मंगलवार को रावण का पुतला लगाया जाएगा।