
खंडवा. पिछले साल नेहरू स्कूल ग्राउंड पर सिंधी पंचायत ने किया था रावण दहन। फाइल फोटो
शहर के सबसे पुराने दशहरा उत्सव में इस बार से रावण दहन नहीं होगा। श्री पुज्य सिंधी पंचायत ने इस साल सुरक्षा कारणों को लेकर यह निर्णय लिया है। इसका मुख्य कारण रावण दहन के मुख्य स्थल नेहरू स्कूल ग्राउंड पर चारों ओर बाउंड्री वॉल बनना बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि श्री पुज्य सिंधी समाज द्वारा लगातार 75 वर्षों से यहां रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है।
शहर में प्रमुख रूप से 5 स्थानों पर रावण दहन होता है। इसमें मुख्य रूप से गोलमाल बाबा नीलकंठेश्वर दशहरा उत्सव एसएन कॉलेज ग्राउंड पर, अंजनी शक्ति संगठन स्टेडियम ग्राउंड पर, बाबा गंगाराम द्वारा मां नवचंडी मेला परिसर, रामनगर समिति द्वारा रामनगर स्थित मैदान पर और सिंधी समाज द्वारा नेहरू स्कूल ग्राउंड पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है। गोलमाल बाबा दशहरा उत्सव के बाद सिंधी समाज का सबसे पुराना रावण दहन का आयोजन रहा है। प्रशासन और नगर निगम ने करीब दो साल पहले नेहरू स्कूल ग्राउंड पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के चलते चारों ओर बाउंड्री वॉल बना दी है।
सिंधी पंचायत के प्रवक्ता कमल नागपाल ने बताया कि पिछले साल श्री पुज्य सिंधी पंचायत द्वारा नेहरू स्कूल ग्राउंड पर 61 फीट ऊंचे रावण का दहन किया गया था। तब भी बाउंड्री वॉल के कारण यहां परेशानी आई थी। रावण दहन के बाद लोगों को वापस जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसी स्थिति को देखते हुए इस बार श्री पुज्य सिंधी पंचायत ने बैठक में निर्णय लिया है कि रावण दहन का आयोजन नहीं किया जाएगा।
सिंधी पंचायत द्वारा 75 साल से दशहरा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। कोरोना काल में भी यहां रावण दहन का आयोजन होता रहा। शहर के मध्य होने से यहां सबसे ज्यादा भीड़ भी उमड़ती है। यहां भव्य आतिशबाजी का भी आयोजन किया जाता है। नेहरू स्कूल पर रावण दहन के बाद भीड़ यहां से नवचंडी मंदिर की ओर जाती है।
ग्राउंड के चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनने से यहां दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए इस साल से रावण दहन नहीं करने का निर्णय लिया गया है। दूसरी जगह भी नहीं मिल रही, इसलिए यह आयोजन बंद किया जा रहा है।
मेठाराम पिंजानी, अध्यक्ष श्री पुज्य सिंधी पंचायत
Updated on:
20 Sept 2026 12:00 pm
Published on:
20 Sept 2026 12:00 pm
