खंडवा

जन्माष्टमी विशेष… खंडवा की इस गोशाला में गौसेवा के साथ मानव सेवा, दिव्यांगों को बना रहे आत्मनिर्भर

-केशव सेवा धाम में गोशाला के साथ संचालित हो रहा छात्रावास, स्वावलंबन के प्रकल्प -आत्मनिर्भर बन रहे दिव्यांग, गोबर से गैस, खाद का भी निर्माण, महिलाओं को भी दिया जा रहा स्वरोजगार का प्रशिक्षण
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Updated: 3 Sep 2026, 12:07 PM IST
Janmashtami Special
खंडवा. केशव सेवा धाम में आर्थिक कमजोर, दिव्यांग बच्चों को दी जा रही शिक्षा।

भगवान श्रीकृष्ण ने गोधवर्धन पर्वत उठाकर गायों की ही रक्षा नहीं की, वरन पूरी मानव जाति को भगवान इंद्र के प्रकोप से बचाया था। भगवान कृष्ण के गोवंश की सेवा के साथ मानव सेवा के उपदेश को ग्रहण कर एक गोशाला माधव सेवा को भी अंजाम दे रही है। यहां गायों की सेवा तो कर ही रहे है, दिव्यांग, आर्थिक कमजोर बच्चों को भी अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया जा रहा है।

आरएसएस की प्रेरणा से हुई थी शुरू

मेडिकल कॉलेज के पीछे स्थित केशव सेवा धाम में गोशाला के प्रकल्प के साथ ही माधव सेवा का प्रकल्प भी चल रहा है। वर्ष 1989 में दिव्यांगजन सेवा एवं उत्थान के उद्देश्य से इसकी स्थापना राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रेरणा से डॉ. बसंतीलाल झंवर ने अपनी पत्नी स्व. सावित्रीबाई के नाम से भूमि दान देकर की थी। संस्थान का मुख्य उद्देश्य पोलियो एवं अस्थिबाधित दिव्यांग बच्चों के साथ आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षण, आवास एव सफल जीवन के लिए स्वावलंबन प्रदान करना था।

गोशाला में असहाय गोमाता की सेवा

यहां दिव्यांग बच्चों के साथ ही असहाय, बीमार एवं परित्यक्त गोवंश की सेवा के लिए केशव गोशाला का निर्माण किया गया। वर्तमान में यहां 125 गोमाता और गोवंश मौजूद है। गोवंश के लिए स्वच्छ जल, पौष्टिक चारा और उचित पोषण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बीमार व दुर्घटनाग्रस्त गोवंश की विशेष देखभाल की जाती है। गोसेवा व गोरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों का भी समय-समय पर आयोजन किया जाता है। गाय के गोबर से जैविक खाद, बायो गैस का निर्माण किया जाता है।

बच्चों को स्वावलंबी भी बना रहे

केशव सेवा धाम में वर्तमान में 24 बच्चे निवासरत है, जिसमें 16 आर्थिक रूप से कमजोर और 8 दिव्यांग है। विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत इन बच्चों को अभी से स्वावलंबन के गुर भी सिखाए जा रहे है। इसमें गोबर से धूपबत्ती, अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण, कम्प्यूटरबेसिक, टाइपिंग, डिजाइनिंग, एसी रिपेयरिंग, मोटर मैकेनिक का कोर्स भी कराया जाता है। महिलाओं को भी कौशल विकास और रोजगार के लिए सिलाई, कढ़ाई, बुटिक, कम्प्यूटर, हस्तकला, घरेलू उद्योग का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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3 Sep 2026, 12:07 PM IST
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