
नवरात्र के अवसर पर माता चौक में जेपी क्लब परिवार द्वारा भव्य पंडाल सजाकर माता रानी की आराधना की जा रही है। इस वर्ष पंडाल में माता रानी की आकर्षक प्रतिमा, 51 शक्तिपीठों का स्वरूप और गरुड़ पुराण पर आधारित झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, माता रानी के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंच रहे भक्तों की अर्जियों से विशेष दीवार महज छह दिनों में भर गई है। अब तक 8 हजार से अधिक अर्जियां यहां लगाई जा चुकी हैं।
माता चौक पर नवरात्र महोत्सव के दौरान परंपरागत धार्मिक आयोजनों के साथ इस बार गरुड़ पुराण को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। वर्तमान परिस्थितियों और लोगों की समझ को ध्यान में रखते हुए गरुड़ पुराण से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और प्रसंगों को झांकी के माध्यम से दर्शाया गया है। इसके लिए सात भागों में मॉडल तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु इन प्रसंगों को देखकर आसानी से समझ सकें। रात में होने वाला माता रानी का जागरण भी आयोजन का प्रमुख हिस्सा है।
जेपी क्लब परिवार ने इस वर्ष माता रानी के दरबार में भक्तों की मनोकामनाओं के लिए विशेष अर्जी दीवार बनाई है। श्रद्धालु इस दीवार पर अपनी अर्जी लगाकर माता रानी से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं। भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज छह दिनों में ही यह दीवार अर्जियों से भर गई। अब तक यहां 8 हजार से अधिक अर्जियां लगाई जा चुकी हैं।
कुंडलेश्वर वार्ड धनगर मोहल्ला में नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा 65वें वर्ष में मां काली की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां मां काली असुरों से भक्तों की रक्षा करते नजर आ रहीं है। यहां पर प्रयागराज के लेटे हनुमान की कागज से इको फ्रेंडली प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र है।
पासी मोहल्ले में पासी समाज नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा 35वें वर्ष में नवरात्र उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां मिट्टी से बनी 14 फीट की आकर्षक प्रतिमा के दर्शन हो रहे है। बंगाली कलाकारों द्वारा 18 भुजाओं वाली मां सप्तशृंगी की आकर्षक प्रतिमा बनाई गई है।