
खंडवा. षड्दर्शन मंडल अध्यक्ष के आश्रम में चर्चा करते अपर कलेक्टर, एसडीएम।
सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों से प्रभावित होने वाले स्थानीय रहवासियों की 19 सूत्रीय मांगों को लेकर तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में 19 और 20 अक्टूबर को स्वैच्छिक नगर बंद रहेगा। मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद नगरवासियों ने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया है। शनिवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने संत मंडल अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज से मुलाकात कर बंद को टालने और मामले का समाधान निकालने के संबंध में चर्चा की, लेकिन बात नहीं बन सकी। शाम को आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी नगरवासियों ने दो दिवसीय बंद के निर्णय पर सहमति जताई।
ओंकारेश्वर नगर बंद के निर्णय की खबरें सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। शनिवार सुबह अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, एसडीएम पुनासा पंकज वर्मा, एसडीओपी दिव्या झारिया, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई और मांधाता थाना प्रभारी अनोखसिंह सिंदया जोड़ गणपति हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां अधिकारियों ने महंत मंगलदास त्यागी महाराज से चर्चा की और नगर बंद के निर्णय के संबंध में बात रखी। महाराज ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इस मामले में नगरवासियों की सहमति के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा। रहवासियों की मांगों और उनकी चिंताओं को लेकर नगर स्तर पर चर्चा के बाद ही आगे की स्थिति तय होगी।
शनिवार शाम 7.30 बजे महंत मंगलदास त्यागी महाराज की मौजूदगी में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरवासियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी बात रखी। चर्चा के बाद 19 और 20 अक्टूबर को ओंकारेश्वर में स्वेच्छा से पूर्ण नगर बंद रखने का निर्णय दोहराया गया। बैठक में नगर भाजपा अध्यक्ष संतोष वर्मा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष चंपाबाई, वरिष्ठ समाजसेवी जयप्रकाश पुरोहित सहित अन्य नागरिक मौजूद रहे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ममलेश्वर लोक निर्माण के बाद प्रस्तावित ममलेश्वर विस्तारीकरण और सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर में होने वाले विकास कार्यों से अनेक परिवारों के मकान, संपत्ति और रोजगार प्रभावित होने की आशंका है। इसी को लेकर रहवासियों ने प्रशासन के सामने 19 सूत्रीय मांगें रखी हैं।
इन मांगों में प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा, उचित मुआवजा, अनुदान, पुनर्वास और रोजगार की सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं। रहवासियों का कहना है कि विकास कार्यों से उन्हें बेघर या बेरोजगार होने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन को पहले उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि विकास के साथ स्थानीय नागरिकों के हित भी सुरक्षित रह सकें। मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद नगरवासियों ने दो दिन का बंद रखने का निर्णय लिया है।
पिछली बैठक में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्पष्ट किया था कि 23 अक्टूबर को अंतिम बैठक होगी, जिसके बाद जो भी प्रस्तावित कार्य है वह शुरू कराए जाएंगे। कलेक्टर ने प्रभावितों को डुकिया में 20 बाय 20 के प्लाट देने की बात कही थी। इस बात से रहवासियों में नाराजगी है। शनिवार को हुई बैठक में अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला ने कलेक्टर की तरफ से आश्वासन दिया कि एक माह तक कोई तोडफ़ोड़ नहीं होगी। आगे भी बैठकों का दौर जारी रहेगा, सभी मांगों पर विचार किया जाएगा।
Updated on:
18 Oct 2026 12:09 pm
Published on:
18 Oct 2026 12:09 pm
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