
खंडवा-डुल्हार-पंधाना रोड के काम शुरू करीब एक साल हो गया है, लेकिन अब तक डामरीकरण शुरू नहीं हो पाया है। टेंडर की शर्त अनुसार 18 माह में रोड निर्माण पूरा होना है। बारिश में निर्माण कार्य रुका हुआ था, लेकिन बारिश बंद हुए करीब 25 दिन गुजर चुके हैं, अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है। रोड से उड़ रही धूल लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है।
खंडवा-पंधाना रोड के लिए किसानों सहित क्षेत्रवासियों ने लंबा संघर्ष किया था। जिसके बाद अगस्त 2025 में इसके टेंडर हुए और नवंबर 25 में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने खंडवा-डुल्हार-पंधाना मार्ग 17.60 किमी लागत 52.07 करोड़ का भूमिपूजन किया। शुरुआत से ही रोड के काम की गति बेहद धीमी है। टेंडर के बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारी भी इसकी सुध लेना भूल गए है। ठेकेदार मनमर्जी से काम कर रहा है। जिसके चलते अब भी इस रोड पर चलना मुश्किल हो रहा है।
खंडवा से पंधाना आने-जाने वाले वाहन चालकों ने अपना रास्ता ही बदल लिया है। पहले गड्ढों की वजह से इस रोड से लोगों ने निकलना बंद कर दिया था, अब धूल की वजह से खंडवा आने-जाने के लिए डुल्हार, टाकलीमोरी, छैगांवमाखन होते हुए खंडवा आ रहे है। रोड पर गड्ढों के कारण पूर्व में कई दुर्घटनाएं घट चुकी है। वहीं हाल ही में इस रोड की खराब स्थिति के चलते बुरहानपुर से माता प्रतिमा को छैगांवमाखन के रास्ते से ला रहे चार युवक मोखलगांव टोल पर दुर्घटना का शिकार होकर घायल है।
पंधाना निवासी चुन्नीलाल नेभनानी ने बताया कि उन्हें काम के सिलसिले में रोज खंडवा-आना जाना पड़ रहा है। रोड पर इतनी धूल है कि लोग एलर्जी के शिकार हो रहे है। पंधाना अस्पताल में धूल से एलर्जी के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नाक-कान-गला विभाग के एचओडी डॉ. सुनील बाजोलिया के अनुसार धूल से एलर्जी के करीब 35 से 40 मरीज रोज ओपीडी आ रहे है, जबकि बारिश के समय तक इनकी संख्या बहुत ही कम थी।
बारिश के कारण निर्माण कार्य बंद था। ठेकेदार को बोल दिया है, इसी सप्ताह से काम शुरू करा दिया जाएगा। ठेकेदार ने मशीनें भी साइट पर लगा दी है।
नरेंद्रसिंह मंडलोई, ईई पीडब्ल्यूडी