खंडवा

नजर हटी तो मौत तय! खंडवा शहर की इस सड़क पर हर पल मंडरा रहा हादसे का खतरा

खंडवा. ग्वालियर के ट्रक हादसे के बाद शहर की इस सड़क का खौफनाक मंजर भी डराने वाला है। झमराल मोहल्ले से भगतसिंह चौक तक अंग्रेजी के एस आकार में घूमती सड़क पर दिनभर भारी वाहन मौत बनकर दौड़ते हैं। अंधे मोड़, दोनों तरफ घनी बस्ती और बेकाबू वाहनों का दबाव, जिससे यहां हादसे का खतरा हर पल बना रहता है। हालात इतने भयावह हैं कि रहवासी घरों के बाहर बैठने से डरते हैं और रात में सड़क किनारे के कमरों को छोड़कर पीछे सोने चले जाते हैं। पहले ही वाहन मकानों की दीवारें तोड़ चुके हैं, फिर भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है।
2 min read
• •
Updated: 23 Oct 2026, 12:17 PM IST
घुमावदार सड़क से गुजरता ट्रक

- अंग्रेजी के एस आकार के घुमावदार मार्ग में घनी बस्ती के बीच मौत बनकर दौड़ रहे ट्राले-बल्कर

- अंधे मोड़ पर जरा सी चूक तो मकानों में घुस सकते हैं भारी वाहन

खतरनाक मोड़ और घनी बस्ती से बढ़ रहा जोखिम

शहर के इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को हर पल सतर्क रहना पड़ता है। सड़क अंग्रेजी के एस अक्षर की तरह घुमावदार है। सकरी सड़क पर दो स्थानों पर मोड़ इतने खतरनाक हैं कि सामने से आने वाला वाहन समय रहते दिखाई नहीं देता। ऐसे में जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। सड़क के दोनों ओर घनी बस्ती होने से खतरा और बढ़ जाता है। यहां से ट्राले, बल्कर, ट्रक और बसों के साथ दोपहिया वाहन भी लगातार गुजरते हैं। भारी वाहनों के बीच छोटे वाहनों और राहगीरों को निकलने में परेशानी होती है। वहीं सड़क किनारे पर लोहे सरिए से जाली फाटक, गेट खिड़की की दुकान हैं। जिसका सामान भी रोड पर ही पड़ा रहता है।

रहवासी दहशत में, रात को पीछे के कमरों में सोने की मजबूरी

सड़क के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह मार्ग रोजाना चिंता का कारण बना हुआ है। भारी वाहनों की आवाजाही के चलते लोग घरों के बाहर बैठने से भी कतराते हैं। रात के समय सड़क किनारे बने कमरों में सोने के बजाय वे घर के पीछे के कमरों में चले जाते हैं। रहवासियों को आशंका रहती है कि अनियंत्रित वाहन सड़क से उतरकर उनके मकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लगातार बना रहने वाला यह डर उनके सामान्य जनजीवन को भी प्रभावित कर रहा है।

दो स्थानों पर पहले भी हो चुके हैं हादसे

इस मार्ग पर फल व्यवसायी के गोदाम और गणेश मंदिर के सामने दो स्थान ऐसे हैं, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई बार वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गड्ढे में जा चुके हैं। इन घटनाओं में आसपास के मकानों की दीवारें तक क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके बावजूद इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे रहवासियों की चिंता बनी हुई है।

शहर का एकमात्र मार्ग होने से भारी वाहनों का दबाव

दरअसल, शहर में भारी वाहनों के आवागमन के लिए यही प्रमुख मार्ग है। इसी कारण दिनभर बड़े वाहनों का दबाव बना रहता है। ग्वालियर में हुए ट्रक हादसे के बाद इस सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घनी आबादी के बीच से गुजरने वाले इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस जोखिमभरे रास्ते पर सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाते हैं।





Updated on:
23 Oct 2026, 12:17 PM IST
Published on: