
अकोला-खंडवा ब्रॉडगेज परिवर्तन परियोजना के तहत खंडवा से तुकईथड़ के बीच बिछाए गए नए रेल ट्रैक पर 18 अक्टूबर को पहली बार यात्री ट्रेन दौड़ेगी। साउथ सेंट्रल रेलवे द्वारा नांदेड़-खंडवा-तुकईथड़ के बीच 17 एवं 18 अक्टूबर को एक फेरा विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। इससे खंडवा से तुकईथड़ के बीच यात्रियों को भी सफर करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए संबंधित स्टेशनों पर टिकट भी उपलब्ध रहेंगे।
खंडवा से तुकईथड़ के बीच मार्च 2024 में पटरी बिछाने का कार्य पूरा हो गया था। इसके बाद रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस), साउथ सेंट्रल रेलवे के निर्माण अधिकारियों और नांदेड़ मंडल के डीआरएम ने निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की जांच की थी। निरीक्षण के बाद नए रेल मार्ग को परिचालन के लिए फिट घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद करीब ढाई साल तक इस ट्रैक पर नियमित यात्री ट्रेन शुरू नहीं हो सकी। रेलवे सलाहकार समिति के मनोज सोनी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया था।
पिछले माह नांदेड़ में आयोजित सांसदों की बैठक में भी सांसद पाटिल ने जीएम साउथ सेंट्रल रेलवे के सामने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ट्रैक का उपयोग नहीं होने से प्लेटफॉर्म और अन्य निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि क्षेत्र की जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद रेलवे ने यात्री ट्रेन संचालन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए एक फेरा विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है।
निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ट्रेन संख्या 07689 नांदेड़ से 17 तारीख शनिवार रात 10.15 बजे रवाना होकर पूर्णा, बसमत, हिंगोली, वाशिम और अकोला होते हुए खंडवा पहुंचेगी। ट्रेन का खंडवा आगमन अगले दिन रविवार18 अक्टूबर सुबह 7.10 बजे होगा। खंडवा से ट्रेन सुबह 7.20 बजे तुकाईथड़ के लिए रवाना होकर 11.10 बजे तुकाईथड़ पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 07690 तुकाईथड़ से रविवार सुबह 11.20 बजे रवाना होकर खंडवा दोपहर 1.10 बजे पहुंचेगी तथा दोपहर 2.10 बजे नांदेड़ के लिए वापसी करेंगी।
खंडवा से मोरदड़, जिरवन, टाकलखेड़ा, गुड़ी, आमलाखुर्द, तुकईथड़ पहुंचेगी। इसके बाद तुकाईथड़ से अमलाखुर्द, गुड़ी, टाकल, जिरवन, मोरदड़, खंडवा, अकोला, वाशिम, हिंगोली, बसमत और पूर्णा होते हुए रात 11.40 बजे नांदेड़ पहुंचेगी।
यह ट्रेन खंडवा-अमलाखुर्द-तुकईथड़ के गैर-विद्युतीकृत रेलखंड पर दो डीजल इंजन के साथ संचालित होगी। ट्रेन में कुल 5 आईसीएफ कोच रहेंगे, जिनमें 1 एसएलआर, 2 आरक्षित सामान्य श्रेणी के कोच तथा 2 अनारक्षित सामान्य श्रेणी के कोच शामिल हैं।
साउथ सेंट्रल रेलवे ने मार्च 2024 में बिना विद्युतीकरण किए अधूरे कार्यों में सीआरएस करा लिया था। जबकि इसी प्रोजेक्ट में खंडवा, सनावद, बलवाड़ा के बीच पश्चिम रेलवे ट्रैक के साथ साथ विद्युतीकरण करने के लिए पोल भी लगाएं हैं। यदि 2024 के सीआरएस के समय विद्युतीकरण भी करा लिया जाता तो खंडवा-सनावद मेमू ट्रेन को तुकाईथड़ तक विस्तार देकर परिचालन किया जा सकता था। अभी भी साउथ सेंट्रल रेलवे विद्युतीकरण करने में ढीलमोल रवैया अपना रहा है। इस ट्रायल स्पेशल के बाद नियमित यात्री ट्रेन चलाने को लेकर संशय बना हुआ है।