17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

न एटीएम, न यूपीआई, फिर भी खाते से 8 लाख पार! खंडवा में APK फाइल से साइबर ठगी की आशंक

-मामला खालवा थाना क्षेत्र का, पंचायत सचिव हुआ साइबर ठगी का शिकार -दो अलग-अलग खातों से 5 दिन में साइबर अपराधी ने निकाली रकम -सचिव ने दिया थाने में आवेदन, सायबर सेल कर रहा मामले की जांच
2 min read
Google source verification

खंडवा

•

image

Manish Arora

•

Oct 17, 2026

Cyber Fraud

खंडवा. प्रतीकात्मक चित्र

जिले में साइबर अपराध का पहला ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बिना यूपीआई, बिना एटीएम उपयोग किए पीडि़त के खाते से करीब लाख रुपए निकल गए। ठगी भी ऐसी कि पीडि़त के दो अलग-अलग बैंकों के अकाउंट से पांच दिन में करीब 8 लाख रुपए सायबर अपराधी ने निकाल लिए। मामले की जानकारी मिलते ही पीडि़त ने दोनों थानों में शिकायत की है। एक ही मामला होने से हरसूद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।

यह है मामला

जोगीबेड़ा निवासी पीडि़त श्यामलाल यादव ग्राम पंचायत कालाआम खुर्द में ग्राम पंचायत सचिव है। उनके बैंक ऑफ इंडिया आशापुर शाखा और बैंक ऑफ इंडिया खालवा शाखा में करीब 11 लाख रुपए जमा है। पीडि़त के अनुसार 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच दोनों खातों से करीब 8 लाख रुपए निकाले गए है। जिसमें खालवा शाखा से 5.05 लाख और आशापुर शाखा के खाते से 3.03 लाख रुपए निकले है। उनके पास इस संबंध में कोई मैसेज भी नही आया। पीडि़त ने बताया कि वे पेटीएम, गुगल पे जैसे यूपीआई या कोई ऑनलाइन माध्यम का उपयोग बैंकिंग के लिए नहीं करते हैं। उनके पास एटीएम भी नहीं है, इसके बावजूद उनके साथ साइबर ठगी हो गई।

9 अक्टूबर को खाते से निकाले थे एक लाख रुपए

पीडि़त ने बताया उन्होंने खालवा शाखा के खाते से 9 अक्टूबर को एक लाख रुपए निकाले थे, जिसका उन्हें मैसेज आया था, लेकिन उसमें बाकी का बैलेंस नहीं लिखा था। श्यामलाल ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही उनकी 4.50 लाख की एफडी भी बैंक वालों ने तोडकऱ खाते में डाल दी थी कि नकद जमा पर ज्यादा ब्याज मिलेगा। श्यामलाल ने बताया कि वह एक साल में रिटायर होने वाले है, बैंक में उनके जीवनभर की जमा पूंजी थी, अब उनके पास कुछ नहीं बचा।

बैंक खाता मोबाइल नंबर से लिंक है

खालवा थाना प्रभारी अनुपम सिंह ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी। इस मामले में फरियादी का मोबाइल चेक किया गया तो उसमें कई एपीके फाइल और मेलवायर ऐप मिले है। शंका है कि एपीके फाइल के माध्यम से साइबर ठगी हुई है। भले ही पीडि़त यूपीआई और एटीएम नहीं यूज करते, लेकिन उनका मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक है। दो थाना क्षेत्र का मामला होने से हरसूद थाने में केस दर्ज किया गया है।

प्रथम दृष्टया एपीके फाइल से ठगी का मामला

हमने मामला दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंप दी है। पीडि़त के मोबाइल में कई एपीके फाइल मिली है, प्रथम दृष्टया उसी के माध्यम से ठगी होना सामने आ रहा है। आसाम के एक बैंक खाते की लोकेशन भी मिली है। साइबर सेल पीडि़त के खातों की जांच कर रही है।
जगदीश सिंदिया, निरीक्षक हरसूद थाना प्रभारी

बहुत आसान है एपीके से ठगी करना

साइबर एक्सपर्ट कोतवाली टीआई निरीक्षक प्रवीण आर्य ने बताया कि एपीके फाइल के माध्यम से ठगी करना बहुत आसान होता है। एपीके फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल की सारी डिटेल सायबर ठग हैक कर लेते है। एपीके फाइल के माध्यम से संभवत: सायबर ठग ने बैंक से रकम निकालकर मैसेज भी अपने मोबाइल पर ही फारवर्ड कर लिया होगा। साइबर सेल की जांच में सब सामने आ जाएगा।

बड़ी खबरें

View All

खंडवा

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग