
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नए सस्पेंशन ब्रिज के लोडिंग तार की एक कड़ी टूटने से इस पर आवागमन बंद किया गया है। घटना मंगलवार देर रात की है, जिसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन ने बुधवार सुबह 5 बजे से झूला पुल के गेट पर ताला लगाकर श्रद्धालुओं के आने जाने पर रोक लगा दी है। सुरक्षा के लिहाज से यहां पर सुरक्षा गार्डों की भी तैनात की गई है।
भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग को जोडऩे वाले ओंकारेश्वर नए झूला पुल के लोडिंग केबल की कड़ी टूटने की घटना से हडक़ंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी अलसुबह ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट को दी थी। टूटी हुई कड़ी का भार अन्य कडिय़ों और सपोर्ट पर पड़ रहा था। जिसके कारण पुल की संरचना पर अतिरिक्त दबाव बनने की आंशका बनी हुई है। पुल का एक हिस्सा भी हल्का सा झुका हुआ दिखाई दे रहा है। प्रशासन को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, पुल के गेट को बंद कराया गया। जानकारी के अनुसार पुल पर सुधार कार्य के लिए एनएचडीसी ने विशेषज्ञों को बुलाया है। पुल के शुरू होने में दो-तीन दिन लग सकते है।
वर्तमान में प्रशासन ने नए झूला पुल पर से आम श्रद्धालुओं का आवागमन बंद कर रखा है। यहां से तीर्थदर्शन और वीआइपी दर्शन वाले श्रद्धालुओं का ही आवागमन होता है। पुल के केबल की कड़ी टूटने से यहां दिनभर आवागमन बंद रहा। उल्लेखनीय है कि पांच दिन पूर्व राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु भी इसी पुल से दर्शन के लिए ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचीं थीं।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में पुराने झूला पुल पर बढ़ते श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए वर्ष 2004 में नए झूला पुल का निर्माण एनएचडीसी द्वारा कराया गया था। पुल की लागत करीब 7.20 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस पुल पर तीन साल पहले वर्ष 2023 में केबल टूटने की घटना भी हो चुकी है। तब भी इस पुल पर सुधार कार्य के चलते करीब एक माह आवागमन बंद रखा गया था। तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा पूरी जांच के बाद ही पुल को आवागमन के लिए खोला गया था।
स्पष्ट कर दे कि पुल पर कुछ टूटने की घटना नहीं हुई है। केबल की क्रॉसिंग के नट लूज हो गए थे, जिसके चलते अहतियातन रूप से आवागमन रोका है। इंदौर से टीम आ चुकी है और कार्य चल रहा है। गुरुवार से पुल को चालू कर दिया जाएगा।
ऋषव गुप्ता, कलेक्टर