
हरसूद (खंडवा). कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन को 19 दिन बीत चुके हैं। लेकिन दूसरे प्रदेशों से अपने घर लौटने का सिलसिला नहीं थम रहा है। सैकड़ों किमी की यात्रा लोग पैदल की भूखे-प्यासे तय कर रहे हैं। ऐसा ही एक युवक रविवार को बंगलुरु से पैदल चलकर हरसूद पहुंचा। 1432 किमी की यात्रा युवक ने 12 दिन में पैदल व लिफ्ट लेकर की। युवक सोनू पिता विजयवीर सिंह मौर्य (26) निवासी मुरादाबाद यूपी का रहने वाला है। बंगलुरु में डेकोरेशन का काम करता है। छनेरा परिचित सहकर्मी होने से वहां मदद मांगने रविवार को पहुंचा। परिचित व्यक्ति पहले उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई। डयूटी स्टाफ ने मानवता दिखाने के बजाय दूसरे राज्य का सुनकर चले जाने का कह दिया। जिससे वह लौट आया। कुछ देर बाद समाजसेवी युवक सोनू ठाकुर को स्वास्थ्य परीक्षण कराने दोबारा अस्पताल ले गए। स्टाफ से स्क्रीनिंग करने को कहा तो उन्होंने स्क्रीनिंग मशीन अलमारी में रखी होने का हवाला दे दिया। तहसीलदार स्वाति मिश्रा से फोन पर अस्पताल प्रबंधन की शिकायत की गई। जिसके बाद युवक की स्क्रीनिंग हुई। युवक को तहसीलदार मिश्रा ने छात्रावास में ठहराया और समाजसेवियों ने उसे भोजन कराया।
बाहर से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करना अनिवार्य है। युवक की स्क्रीनिंग करने में देरी की मुझे जानकारी मिली है। मैंने बीएमओ को फोन पर स्क्रीनिंग करने के बारे में कहा है। सोमवार को मैं खुद जाकर स्थिति देखूंगी।
- आरती सिंह, एसडीएम, हरसूद।