
शहर में एलपीजी गैस वितरक के चयन की ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। आवेदनकर्ताओं ने ऑयल कंपनी के रीजनल मैनेजर को आवेदन देकर लॉटरी से पहले ही आगा किया था। चयन ड्रा में धांधली का आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय अधिकारियों से शिकायत की है। लंबे समय से लंबित आपत्तियों की सुनवाई का निराकरण नहीं हुआ ।
आवेदनकर्ताओं ने चयन ड्रा में धांधली का आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय अधिकारियों से शिकायत की है। उनका दावा है कि ड्रा प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी और चयनित उम्मीदवार का नाम पहले से तय होने की आशंका थी। वहीं, आपत्तियों के निराकरण की प्रक्रिया दो माह बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार चयन प्रक्रिया में कुल 62 उम्मीदवार शामिल थे।जिसमें हिमांशु जायसवाल का चयन हुआ।
ऑयल कंपनी के रीजनल मैनेजर इंदौर को दिए गए आवेदन के अनुसार आवेदकों का आरोप है कि ड्रा से पहले ही अधिकारियों को संभावित गड़बड़ी की आशंका से अवगत कराया था। इसके बावजूद ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। आपत्ति में कहा है कि एचपीसीएल डीलर वैभव जायसवाल ने पहले ही हिमांशु जायसवाल के चयन को लेकर दावा किया था।
शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि हिमांशु जायसवाल के आवेदन में वैभव जायसवाल की फर्म का पता दर्ज है। ड्रा के दौरान वैभव जायसवाल की परिसर में मौजूदगी को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। आवेदनकर्ताओं का कहना है कि नियमानुसार किसी प्रतिनिधि को ड्रा प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं थी। आपत्तिकर्ता ने जायसवाल परिवार से जुड़े सदस्यों के नाम पर पहले से पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियां संचालित होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि परिवार के विनोद जायसवाल और रितेश जायसवाल सहित अन्य सदस्यों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर पात्रता स्पष्ट की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि हिमांशु जायसवाल, मयंक जायसवाल और नेहा दुबे ने गोदाम और शोरूम के लिए जिस भूमि का प्रस्ताव दिया है, उसका खसरा नंबर एक ही है। इसे चयन की प्रक्रिया में उल्लंघन बताते हुए जांच की मांग की गई है।
आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि ड्रा से पहले ऑनलाइन प्रक्रिया का डेमो दिखाने की मांग की गई थी। लेकिन एमएसटीसी और एचपीसीएल के अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। डेमो के बिना ही ड्रा कर दिया गया। बाद में दोबारा डेमो दिखाने की मांग की गई तो अधिकारी वहां से चले गए।
खंडवा में गैस एजेंसी के लिए 8 जून 2026 रिजनल कार्यालय में ऑनलाइन ड्रा की किया गया। चयन प्रक्रिया में 62 उम्मीदवार शामिल थे। अनिल धारवाल सहित 18 आवेदनकर्ताओं ने इस संबंध में क्षेत्रीय कार्यालय, एलपीजी क्षेत्रीय प्रमुख, राहुखेड़ी, इंदौर से शिकायत की है। इसके बाद लॉटरी में अनियमितता हुई। आपत्ति की सुनवाई तब से लंबित है।
आवेदन के अनुसार अनिल चारवाल, सौरभ गौर, नीलेश कोठारी, सुजीत, आकांक्षा जायसवाल, तपन डोंगरे, गौरव गौर, शिवम, मुकेश चौकसे, यश पाटील, त्रिलाेक यादव, मुर्तुजा अब्दुल हुसैन, कलश जायसवाल, पुष्पा सिकरवार, पियूष मालवीय, आयूष मालवीय, महेंद्र सिंह सावनेर, सूय प्रताप सिंह, अमित सिंह, जितेंद्र कुमार वर्मा, मनोज जैन आदि ने आपत्ति दर्ज की है।
खंडवा गैस एजेंसी के आवंटन की कागजी कार्रवाई चल रही है। ऑनलाइन लॉटरी को लेकर कुछ आवेदकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनके निराकरण की प्रक्रिया चल रही है।