खंडवावाले और मधुबाला के प्यार की अनोखी दास्तान
खंडवा. भारतीय सिनेमा की मर्लिन मुनरो कही जातीं मधुबाला और खंडवावाले के रूप में विख्यात पाŸव गायक, अभिनेता, निर्माता-निर्देशक किशोर कुमार की प्रेम कहानी भी किसी फंतासी से कम नहीं है। मधुबाला जहां बेहद हसीन थीं वहीं किशोर कुमार की छवि मस्त-मौला और मूडी इंसान की थी। पर बिल्कुल अलग तबियत के इन दोनों के दिल ऐसे मिले कि फिर वे एकाकार हो गए।
मैंने अपना वचन निभाया और उन्हें पत्नी के रूप में अपने घर ले आया
बीमारी की वजह से मधुबाला जब मौत के मुहाने पर खड़ी थीं तब किशोर कुमार ने उनका हाथ थामा और कई साल तक तीमारदारी भी की। मधुबाला की मौत के कई साल बाद खुद किशोर कुमार ने उनसे अपने प्यार और रिश्ते के बारे में कई बातें बताईं। सन 1985 में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया- वे बहुत बीमार थीं। मैं जानता था कि वे धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रहीं हैं पर फिर भी मैंने उनसे शादी की। वादा तो आखिर वादा ही होता है। मैंने अपना वचन निभाया और उन्हें पत्नी के रूप में अपने घर ले आया।
किशोर कुमार ने पूरे नौ साल तक की मधुबाला की तीमारदारी
उन्होंने आगे कहा- वे बहुत खूबसूरत थीं पर उनकी मौत बेहद दर्दनाक थी। मैंने पूरे 9 साल तक उनकी सेवा की। मैं पूरे समय उनके साथ ही रहता था। हम साथ-साथ हंसे और कभी-कभार साथ-साथ रोए भी। उनकी आखिरी सांस तक मैं उनके साथ बना रहा। मैंने अपनी आंखों से उन्हें मरता देखा था।