
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में आवासीय उपयोग के लिए दी गई लीज और मकानों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। रामेश्वर, दीनदयालपुरम्, इंदौर रोड, रामनगर तक कॉलोनियों में घरों का स्वरूप बदल दिया तो कहीं होटल और टेंट के साथ शोरूम बन गए हैं।
सामान्य कॉलोनियों में ही नहीं बल्कि हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में धड्ल्ले से व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। आवासीय घरों का व्यवसायिक स्वरूप भी बदला जा रहा है। आनंद नगर क्षेत्र, दीनदयालपुरम्, रामेश्वर में एलआईजी कॉलोनी इसका उदाहरण है। कॉलोनियों में मुख्य मार्ग से अंदर की गलियों तक कई मकानों में कारोबार हो रहा है। लोगों ने घर के हिस्से को दुकान या अन्य व्यावसायिक उपयोग में ले लिया है। कइयों ने तो कारोबार के लिए पूरा आवास ही किराए पर दे दिया है।
टेंट कारोबार से बड़े शोरूम तक संचालित हो रहे
आनंद नगर क्षेत्र की दीनदयालपुरम् कॉलोनी में भी स्थिति अलग नहीं है। यहां होटल, टेंट कारोबार और बड़े शोरूम तक संचालित हो रहे हैं। एलआईजी और एमआईजी सहित अलग-अलग श्रेणी के आवासीय मकानों में भी बदलाव दिखाई दे रहा है।
शहर के रामेश्वर वार्ड की एलआईजी कॉलोनियों में व्यवसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रहीं हैं। एलआईजी समेत आस-पास की कई कॉलोनियों में व्यवसाय के लिए आवास के स्वरूप भी बदल गए हैं। जोन-6 के आस-पास घरों के साथ नव चंडी रोड पर बेखौफ कारोबार हो रहा है।
हाउसिंग बोर्ड की रामनगर सिविल लाइंस, एलआईजी, रामेश्वर, किशोर नगर, दीनदयालपुरम्, वत्सला बिहार और इंदौर रोड क्षेत्र की कॉलोनियों में आवासीय मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
-कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां चिन्हित करें।
-प्रत्येक मकान की लीज डीड और आवंटन शर्तों की जांच करें।
-अनधिकृत कारोबार करने वाले को नोटिस जारी करें।
-जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई करें।
-उल्लंघन पर लीज निरस्तीकरण की प्रक्रिया ।
-कार्रवाई के बाद भी कारोबार जारी हो तो निकाय को सूचना दें।
कॉलोनी के रहवासियों को निर्धारित आवासीय उपयोग, सामान्य सुविधाओं, रास्ते और कॉलोनी के शांतिपूर्ण वातावरण का लाभ मिलना चाहिए। व्यावसायिक गतिविधि से पार्किंग, यातायात, शोर या अन्य परेशानी होने पर शिकायत की जा सकती है।
भवन उपयोग, स्वीकृत नक्शे और स्थानीय निकाय की अनुमति से जुड़े उल्लंघन पर नगर निगम अपने लागू नियमों के तहत अलग से कार्रवाई कर सकता है। कॉलोनियों में आवासीय मकान को मनमाने ढंग से दुकान, होटल, शोरूम या अन्य व्यावसायिक उपयोग में बदलने की अनुमति नहीं होती।
जिस उपयोग के लिए मकान आवंटित हुआ, उसी उपयोग में करना होता है। यदि एलआईजी, एमआईजी मकान आवासीय उपयोग के लिए आवंटित है तो उसका व्यावसायिक उपयोग लीज की शर्तों का उल्लंघन हो सकता है। मप्र हाईकोर्ट के एक मामले में आवासीय मकान में आटा चक्की चलाने को लीज शर्तों का उल्लंघन माना गया और बेदखली की कार्रवाई को बरकरार रखा गया। मकान में दुकान, होटल, शोरूम या अन्य व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले संबंधित अनुमति की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार लीज निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।