खंडवा

जी-रामजी ! मनरेगा का नया स्वरूप…एक जुलाई से 318 कार्यों का एक्शन प्लान तैयार, 125 दिन मिलेगा काम

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी ग्रामीण ( मनरेगा ) योजना अब नए स्वरूप में एक जुलाई 2026 से लागू होगी। यह योजना अब ' विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ' ( वीबी-जी-रामजी ) के नाम से जानी जाएगी। इसके तहत पंचायतों में 318 कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
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Jun 30, 2026
MNREGA, VB, G-Ramji
खंडवा : एक जुलाई से मनरेगा वीबी-जी-रामजी के रूप में लागू होगी। फोटो एआई

महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी ग्रामीण ( मनरेगा ) योजना अब नए स्वरूप में एक जुलाई 2026 से लागू होगी। यह योजना अब ' विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण ' ( वीबी-जी-रामजी ) के नाम से जानी जाएगी। इसके तहत पंचायतों में 318 कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

योजना को चार श्रेणी में बांटा गया

मनरेगा को प्रभावी बनाने नए स्वरूप में योजना को चार श्रेणी में बांटा गया है। जिसमें रोजगार गारंटी, टिकाऊ बुनियादी ढांचा, आय में विविधता, तथा सुरक्षा के साथ पारदर्शिता और डिजिटल प्रबंधन है। बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा, कृषि आधारित सहित अन्य छोटे-छोटे रोजगार भी विकसित होंगे। शासन की गाइडलाइन पर तैयारियां चल रही हैं। दो जुलाई से योजना के तहत जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नए स्वरूप में ये प्रमुख होंगे बदलाव

100 दिन की जगह अब 125 दिन का काम।

कृषि आधारित कार्यों के लिए विशेष राहत ।

15 दिन तक काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता ।

बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से मजदूरी का त्वरित भुगतान ।

आधुनिक बुनियादी ढांचा यानी जल संरक्षण, टिकाऊ विकास कार्य आदि।

ऐसे समझें चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य

जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, ग्रामीण आजीविका और आपदा प्रबंधन शामिल हैं। जल सुरक्षा में नहर, चेक डैम, भूमिगत निर्माण, तालाब, कुओं और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसमें व्यक्तिगत व सामुदायिक सिंचाई कुओं का निर्माण और मृदा व नमी संरक्षण से संबंधित पौधरोपण कार्य भी सम्मिलित हैं।

ग्रामीण अधोसंरचना : ग्रामीण सड़कों का निर्माण व उन्नयन, पुलिया, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, ग्रामीण पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। स्कूल अधोसंरचना जैसे अतिरिक्त कक्षाएं, रसोई शेड, शौचालय और खेल के मैदान भी बनाए जाएंगे। ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए सोख्ता गड्ढे, अपशिष्ट केंद्र और बायोगैस संयंत्र भी हैं।

ग्रामीण आजीविका : कौशल विकास केंद्र, ग्रामीण हाट, कृषि उत्पाद भंडारण भवन, कोल्ड स्टोरेज यूनिट और स्वयं सहायता समूहों के लिए कार्यशालाएं निर्मित की जाएंगी। पशु आश्रय ( मवेशी, बकरी, मुर्गी ) और खाद संरचनाएं ( वर्मी कम्पोस्ट ) भी इसमें शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन : बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, आपदा-प्रतिरोधी संरचनाएं और ग्रामीण मार्गों व सामुदायिक संपत्तियों की आपदा-पश्चात बहाली के कार्य किए जाएंगे। इन सभी कार्यों का क्रियान्वयन समुदाय और व्यक्तिगत स्तर पर किया जाएगा।

इनका कहना : निकिता मंडलोई, एडिश्नल सीईओ, जिपं

पंचायतों में वीबी-जी-रामजी योजना एक जुलाई से लागू होगी। गाइड लाइन के तहत पंचायत स्तर पर विकास कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। दो जुलाई को जिला स्तरीय प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियां चल रही हैं।

Published on:
30 Jun 2026 12:18 pm