
खंडवा. मप्र सहित पूरे देश में चर्चाओं में रहे चोटी कटवा कांड के बाद अब हाथ से निकली भभूत कौतूहल का विषय बनी है। मामला खंडवा जिले से जुड़ा है और लोग इसे आस्था और अंधविश्वास दोनों से ही जोडक़र देख रहे हैं। बता दें कि खंडवा जिले के ग्राम कोरगला में कमलचंद नाम के एक शख्स के हाथ से बुधवार सुबह करीब7.30 बजे भभूत निकलना शुरू हुई। आरंभ में तो कमलचंद भी इसे समझ नहीं पाए लेकिन जैसे ही लोगों को इस बारे में पता चला तो भीड़ जुटना शुरू हो गई और लोगों ने इस भभूत को सहेजने के प्रयास शुरू कर दिए।
कागज, प्लेट, हाथ व बर्तन का सहारा
हाथ से निकलती भभूत को संभालने के लिए लोगों ने कागज, प्लेट, हाथ व बर्तन का सहारा लिया। कई लोगों ने इसे आस्था से जोड़ते हुए इस भभूत को सहेजकर रखने के लिए प्रयास किए।
सुबह से शाम तक लगी रही कतार
भभूत मामले में अंधविश्वास से ज्यादा लोगों की आस्था नजर आई और सुबह से शाम तक भभूत लेने के लिए लोगों की कतार नजर आई। लोगों का कहना है कि ये कोई चमत्कार ही है।
एक्सपर्ट की सलाह...विज्ञान की नजर में ये चमत्कार नहीं
विज्ञान विषय के एक्सपर्ट व प्राचार्य अजय कुमार नारमदेव कहते हैं कि इस मामले को मुझे समझना पड़ेगा लेकिन ये जरूर कहूंगा कि इस तरह के मामलों में लोगों को जागरूक रहना चाहिए, क्योंकि ये चमत्कार से ज्यादा अंधविश्वास ही होते हैं। विज्ञान की दृष्टि में इसे चमत्कार नहीं मान सकते। एेसे कई रासायनिक पदार्थ होते हैं, जिनके उपयोग से पानी में आग लगना, हाथ से भभूत निकलना जैसे क्रियाएं होती हैं।
चोटी कटवा कांड के बाद चर्चाओं में ये मामला
बता दें कि मप्र सहित पूरे भारत देश में चोटी कटवा मामला बीते महीनों में खूब चर्चाओं में रहा। अंतत: इसका पटाक्षेप इस तरह हुआ कि एक कीड़ा है जो बाल काट देता है। जबकि इसके पहले लोगों ने इसे अंधविश्वास और भूत-प्रेत तथा बाहरी बाधा से जोडक़र देखा, जबकि एेसा कुछ सामने नहीं आया। अब विशेषज्ञ यही कह रहे हैं कि भभूत जैसे मामलों में भी लोगों को अंधविश्वास से ज्यादा विज्ञान पर भरोसा करना चाहिए।