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हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी में प्लाट खरीदना-बेचना मुश्किल, पड़ोसी निजी कॉलोनियों से गाइड लाइन 3.6 गुना महंगी

हाउसिंग बोर्ड की तुलजा बिहार कॉलोनी में आवासीय भूखंड की गाइड लाइन आसपास की निजी कॉलोनियों से 3.6 गुना और व्यावसायिक भूखंड की 3.7 गुना तक अधिक है। इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर यहां प्लाट खरीदे। अब री-सेल के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। यही नहीं आठ साल बीतने के बाद भी 200 से अधिक प्लाट खाली हैं।
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खंडवा

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Rajesh Patel

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Updated: 31 Oct 2026, 12:27 PM IST

Housing Board

Tulja Bihar (Housing Board)

हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी तुलजा बिहार के आसपास कलेक्टर गाइड लाइन का बड़ा अंतर है। आठ साल बाद भी 200 से अधिक प्लाट नहीं बिके, री-सेल गाइड लाइन का अड़ंगा बना हुआ है। दरअसल, दो साल पहले एआई से गाइड लाइन तैयार की गई थी। एआई ने जहां पर प्लाटों की अधिक बिक्री हुई थी, वहां पर दरें 100 फीसदी तक बढ़ाई गईं थीं। अब कॉलोनी क्रय व विक्रय करना मुश्किल हो रहा है।

आठ साल बीतने के बाद भी 200 से अधिक प्लाट खाली

हाउसिंग बोर्ड की तुलजा बिहार कॉलोनी में आवासीय भूखंड की गाइड लाइन आसपास की निजी कॉलोनियों से 3.6 गुना और व्यावसायिक भूखंड की 3.7 गुना तक अधिक है। इसका खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जिन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर यहां प्लाट खरीदे। अब री-सेल के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। यही नहीं आठ साल बीतने के बाद भी 200 से अधिक प्लाट खाली हैं।

12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में तुलजा बिहार कॉलोनी

हाउसिंग बोर्ड ने आनंद नगर रोड पर वार्ड-50 में आइटीआइ के आगे वर्ष 2017-18 में 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में तुलजा बिहार कॉलोनी विकसित है। यहां एम-23, आईएस-323, एलआईजी-ए, एलआईजी-बी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवासीय व व्यावसायिक भूखंड बनाए गए। इस कॉलोनी में करीब 800 प्लाट तैयार किए गए। इनमें से अब तक 600 का विक्रय हुआ है। शेष 200 से अधिक प्लाट अभी भी खाली हैं। इसके अलावा एलआईजी-ए और एलआईजी-बी में 33 से अधिक भवन बने हैं। कई भवन आधे-अधूरे हैं। शेष प्लाटों पर निर्माण नहीं हुआ है।

खरीदारों की पीड़ा : अपनी ही कॉलोनी में प्लाट बेचना मुश्किल

कॉलोनी में प्लाट खरीदारों का कहना है कि रजिस्ट्री के समय कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब से अधिक राशि चुकानी पड़ती है। लेकिन जब प्लाट बेचने की बारी आती है तो यही दर परेशानी बन जाती है। प्लाटधारक नितेश के अनुसार छह साल पहले प्लाट लिया था। जरूरत पर री-सेल करना चाहता हूं। खरीदार आसपास की निजी कॉलोनियों की गाइड लाइन देखकर तुलजा बिहार में प्लाट लेने से पीछे हट जाते हैं। इसी तरह मीना बाई का कहना है कि प्लाट खरीदते समय भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसे बेचने की उम्मीद थी। लेकिन अब आसपास की कॉलोनियों में कम गाइड लाइन होने से खरीदार तुलजा बिहार में अधिक कीमत चुकाने को तैयार नहीं हैं। यहां के भूखंडों की गाइड लाइन आसपास की कॉलोनियों के अनुरूप कराने के लिए समय पर पहल नहीं हुई। इसका नुकसान पुराने और नए दोनों खरीदारों को हो रहा है।

अधिकारियों ने नहीं सुधरवाया गाइड लाइन का अंतर

निजी कॉलोनियों और तुलजा बिहार की गाइड लाइन में अंतर की जानकारी पहले भी विभाग तक पहुंची थी। तत्कालीन अधिकारियों ने रिमाइंडर भेजने की बात कह रहे हैं। इसके बावजूद दरों में समानता नहीं आई। अब मामला फिर सामने आने पर हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी कलेक्टर से चर्चा कर गाइड लाइन संशोधित कराने का प्रस्ताव देने की बात कह रहे हैं।

वर्जन : ज्योति गर्ग, कार्यपालन यंत्री, हाउसिंग बोर्ड, खंडवा

गाइड लाइन अधिक होने की सूचना पर तत्कालीन अधिकारियों ने विभाग को रिमाइंडर किया था। मामला मेरे भी संज्ञान में आया है। इसके लिए कलेक्टर से मिलकर आसपास की कॉलोनियों के अनुरूप गाइड लाइन प्रस्तावित करने का प्रस्ताव देंगे। इससे खरीदारों को क्रय-विक्रय में सहूलियत मिल सकेगी।

फैक्ट फाइल : गाइड लाइन में अंतर का गणित

(दरें रुपए प्रति वर्गमीटर में)

कॉलोनी आवासीय व्यावसायिक

हरिहरकुंज (निजी) 4,950 9,900

तुलजा बिहार (हाउसिंग बोर्ड) 27,000 55,000

कर्मवीर सिटी (निजी) 7,500 14,900

कर्मचारी एवेन्यू (निजी) 7,500 14,900

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नोट : ये कॉलोनियों आस-पास में विकसित की गई हैं। सभी आनंद नगर के वार्ड 50 के अंतर्गत आती हैं।