ग्राम सहेजला का मामला, हरदा जिले के टिमरनी में बेटे की मौत के बाद पिता जता रहा था हत्या का अंदेशा, नहीं हुई सुनवाई।
खंडवा. हरदा जिले के टिमरनी में बेटे की हत्या होने का संदेह जताकर एक पिता खंडवा से लेकर हरदा पुलिस से न्याय की गुहार लगाते-लगाते थक गया। पिछले तीन माह से पुलिस कार्यालयों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन जब किसी ने सुनवाई नहीं की तो दुखी पिता ने हार मान ली। बेटे की मौत से आहत पिता ने सुसाइड नोट में लिखा- यहां इंसाफ सिर्फ पैसों में मिलता है और शनिवार तड़के बीच सड़क पर खड़े होकर खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। आग की लपटों में घिरा वृद्ध पिता चीखता-चिल्लाता सड़क पर दौड़ता रहा। तभी छोटे भाई की आंख खुली और बाहर देखा तो वहां का नजारा देख दंग रह गया। बड़ा भाई आग की लपेटों में घिरा हुआ था। तुरंत ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई और उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वृद्ध की हालत नाजुक बनी हुई है। वह करीब ८० फीसदी जल चुका है। यह कहानी मूंदी थाना क्षेत्र के ग्राम सहेजला निवासी रामगिर पिता गंगाराम गोस्वामी (६५) की है। हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने रामगिर को इंदौर रेफर किया है।
मेरे पास पैसे नहीं है, इसलिए न्याय नहीं मिल रहा
पिता रामगिर के पास से मिले सुसाइड नोट में लिखा है मेरे बेटे संतोष की टिमरनी में हत्या हुई है। पुलिस उसे दुर्घटना का नाम दे रही है। पुलिस ने बगैर सूचना दिए ही बेटे का पीएम करा दिया। मैं पुलिस के सामने मामले में सही जांच की गुहार लगाता रहा। पुलिस से मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भीख मांगता रहा। तीन माह से इंसाफ की भीख मांग रहा हूं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहां इंसाफ पैसों में मिलता है, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं है। बहू के पास पैसे है तो उसने सब को खरीद लिया। परिवार और ग्रामवासियों को कोई दुख पहुंचाया हो तो माफ कर देना।
चिल्लाने की आवाज सुन खुली नींद
प्रत्यक्षदर्शी छोटे भाई तुलसी ने बताया सुबह करीब ४ बजे अचानक घर के बाहर से किसी के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर बाहर देखने गया तो वहां का नजारा देख होश उड़ गए। भाई रामगिर आग की लपटों से घिरा हुआ था। ग्रामीणों की मदद से जैसे-तैसे उन्हें बचाया। पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस करीब १ घंटे देरी से मौके पर आई। तब तक रामगिर तड़पता रहा। उन्होंने घर के बाहर सड़क पर खुद के ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। बेटे संतोष की मौत से वह आहत है। बेटे की हत्या होने की बात कहकर वह लगातार पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहे है।
यह है पूरा मामला
आग से झुलसे रामगिर का बेटा संतोष अपनी पत्नी संगीता के साथ हरदा की बाहेती कॉलोनी में रहता था। १३ जनवरी को एमपी ढाबे के पास पीर बाबा के ओटला किनारे उसका शव मिला था। उसकी मौत दुर्घटना में होना बताई जा रही है, लेकिन पिता हत्या का अंदेशा जता रहा है। परिजन के अनुसार बहू हमेशा संतोष से झगड़ा करती रहती थी। इतना ही नहीं उसने बेटे से करीब आठ से दस लाख रुपए लेकर खुद के भाइयों को दिलवाए थे। बाद में उसके भाई उक्त रुपए वापस नहीं लौटा रहे थे। संतोष जब भी रुपए मांगता था तो संगीता उससे झगड़ा करती थी। रुपयों के लेनदेन को लेकर संतोष की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस संतोष की मौत को दुर्घटना का रूप दे रही है।
वर्जन...
घटनाक्रम हरदा जिले के टिमरनी का है। मामले की हकीकत क्या है इसकी जानकारी निकलवाता हूं।
नवनीत भसीन, एसपी खंडवा
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एसपी सर ट्रेनिंग पर गए हुए हैं। मुझे प्रकरण की जानकारी नहीं है। थाने से मामले की जानकारी पता करता हूं। यदि संदेहास्पद मामला है तो जांच कराई जाएगी।
डीएस भदौरिया, प्रभारी एसपी, हरदा