विधानसभा चुनाव-2018 के लिए भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशियों के बारे में जानिए।
खंडवा. जिले की एकमात्र सामान्य विधानसभा सीट मांधाता में दावेदारों की लंबी फेहरिस्त के बीच नरेंद्र सिंह तोमर का नाम सामने आया है। जाहिर है कि टिकट की दौड़ में जो दावेदार थे, उनमें नाराजगी बढ़ी है। लोकेंद्र सिंह तोमर तो टिकट कटने पर सवाल उठा ही रहे हैं, साथ ही खुद को राजनीति का शिकार बता रहे हैं। इसके अलावा नंदकुमारसिंह चौहान का एेनवक्त पर यहां से पीछे हटना भी नए समीकरण गढ़ेगा। संतोष राठौर सहित अन्य दावेदार भी प्रतिक्रिया करेंगे। विधानसभा में कुल 190974 मतदाता हैं और पिछली जीत-हार का अंतर 4337 रहा है। ये समीकरण भी आगे की राह में महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं।
जिले की एकमात्र सामान्य सीट पर सभी की नजरें थीं। यहां प्रत्याशियों की संख्या भी ज्यादा थी। एेसे में 2003 में विधानसभा चुनाव हारने वाले नरेंद्र सिंह तोमर का टिकट तय हुआ है, वो भी तब जब यहां से लगातार दो बार के विधायक लोकेंद्र सिंह तोमर के अलावा सांसद नंदकुमारसिंह चौहान व मूंदी नप अध्यक्ष संतोष राठौर दावेदार थे। टिकट मिलते ही नरेंद्र सिंह ने मंदिर में मत्था टेका व लोकेंद्र सिंह तोमर से मिलने भी पहुंचे और साथ देने की बात की।
इनकी भूमिका: 2003 में चुनाव हारने के बाद सक्रिय रहे। हालांकि पार्टी के कई कार्यक्रमों से इनकी गैर-मौजूदगी भी रही। लेकिन मंडी अध्यक्ष, सीसीबी अध्यक्ष रहते हुए राजनीति में सक्रियता बनाए रखी। खंडवा विस के केहलारी के होने के बावजूद मांधाता क्षेत्र में लोगों से मिलना-जुलना जारी रखा।
प्रोफेशन: कृषि के साथ ही ३ पेट्रोल पंप आजीविका का साधन।
सोशल मीडिया: भाजपा कार्यालय भोपाल में मन की बात कार्यक्रम के फोटो २८ अक्टूबर को पोस्ट किए थे।
पहचान: मिलनसार व सतत संपर्क में रहने के रूप में।
राजनीतिक अनुभव: 25 साल से अधिक के राजनीतिक कॅरियर में युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, 2000-05 तक मंडी अध्यक्ष खंडवा रहे हैं। 2003-07 तक सीसीबी खंडवा-बुरहानपुर अध्यक्ष। एनएचडीसी के डायरेक्टर का पद मिला लेकिन पदभार ग्रहण नहीं किया।
कॅरियर का ग्राफ: 2003 में पार्टी के टिकट पर निमाड़खेड़ी (अब मांधाता) से चुनाव लड़े लेकिन 4216 वोट से हार के रूप में झटका।
कोर टीम: सखाराम यादव, महेश जायसवाल इनके पारीवारिक मित्र व राजनीतिक सहयोगी।
रिकॉर्ड: लगातार दो बार के विधायक का टिकट कटने पर मौका मिला है
ठीया: खंडवा विस अंतर्गत आने वाला केहलारी और खंडवा में केवलराम चौराहा।
- मांधाता से नंदकुमारसिंह का नाम भी पैनल में था, टिकट नरेंद्र सिंह तोमर को मिला।
- टिकट तय होते ही नरेंद्र सिंह तोमर के घर पहुंचकर समर्थकों ने जश्न मनाया।