11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

mp election 2018: अपनों के विरोध के बीच टिकट की दौड़ में बाजी मारी, रूठों को मनाने और सबको साथ लेने की चुनौती

विधानसभा चुनाव-2018 के लिए भाजपा द्वारा घोषित प्रत्याशियों के बारे में जानिए।

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Amit Jaiswal

Nov 03, 2018

mp election 2018: khandwa bjp candidate details and issue

mp election 2018: khandwa bjp candidate details and issue

खंडवा. खंडवा विस सीट के लिए बीते दो साल से विधायक वर्मा के विरोध में उनकी ही पार्टी के लोग खड़े हुए। मंडी अध्यक्ष आनंद मोहे, भाजपा जिला एवं पुस्तक प्रलेखन समिति संयोजक कौशल मेहरा व एमआईसी सदस्य दीना पंवार भी टिकट की दौड़ में आए। संगठनात्मक स्तर पर गुटबाजी, विरोध के बीच टिकट मिलते ही देवेंद्र वर्मा सबसे पहले सराफा स्थित गणेश मंदिर पहुंचे, यहां मत्था टेका। फिर पार्टी कार्यालय गए। वहां से दादाजी धाम पहुंचकर परिक्रमा की।

रूठों को मनाने और सबको साथ लेने की चुनौती
खंडवा विधानसभा से भाजपा ने एक बार फिर देवेंद्र वर्मा को टिकट दिया है। इस बार उनके सामने चुनौतियां अलग हैं। पार्टी का एक बड़ा धड़ा उनसे नाराज है। साथ ही बीते दिनों पर्व-त्योहारों पर हुए घटनाक्रमों को लेकर भी लोगों ने उनकी कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया है। अब जबकि टिकट तय हो गया है तो यहां से टिकट मांग रहे अन्य दावेदारों को साधने की चुनौती भी बड़ी है। टिकट के रण में जीत भले ही मिल गई हो पर जनता की परिक्रमा से पहले अपनों के साथ की दरकार भी होगी। विधानसभा में कुल 246064 मतदाता हैं और पिछली जीत-हार का अंतर 34071 है। सारे समीकरण साधते हुए ही आगे बढऩा बड़ी चुनौती होगी।

इनकी भूमिका: नर्मदा जल योजना में घर-घर मीटर की बजाय बल्क मीटर पर अड़े तो फिलहाल इसी थीम पर प्रयोग जारी है। ट्रांसपोर्ट नगर, रिंगरोड, बायपास जैसे मुद्दों पर प्रयास कमजोर रहे। पर्व-त्योहारों पर बाउंड ओवर की कार्रवाई को लोगों ने निर्दोषों पर अत्याचार बताते हुए विधायक की भूमिका पर सवाल उठाए।
प्रोफेशन: कृषि, कॉलेज संचालक मंडल में है, ये इनके आजीविका के जरिये।
सोशल मीडिया की लास्ट पोस्ट: मंत्री पारस जैन द्वारा फेसबुक पर ‘मैं मध्यप्रदेश हूं- देखिये मेरी यात्रा, मेरी जुबानी’ वीडियो पोस्ट को १ नवंबर को शेयर किया।
पहचान: सरल, सहज व्यक्ति के रूप में।
राजनीतिक अनुभव: छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। खंडवा नगर निगम में पार्षद रहे। पिता के निधन के बाद रिक्त हुई पंधाना विस के उपचुनाव में जीते। आरक्षित हुए सीट खंडवा में 2008 व 2013 का चुनाव जीत विधायक बने।
कॅरियर का ग्राफ: मौका इन्हें पंधाना सीट से मिला। हार के रूप में झटका नहीं लगा है।
कोर टीम: कैलाश पाटीदार, दिनेश पालीवाल, नीतिश बजाज, कैलाश राठौर इनके राजनीतिक मित्र के रूप में।
रिकॉर्ड: पंधाना से एक बार और खंडवा से दो बार के विधायक।
लाइफ स्टाइल: पहनावा इनका कुर्ता-पजामा है। कई बार पेंट-शर्ट में भी नजर आते हैं।
ठीया: बॉम्बे बाजार में दो दुकानों के अलावा सराफा में एक स्थान सहित विद्या नगर गली आनंदनगर स्थित घर।
- टिकट तय होते ही समर्थकों के साथ सराफा स्थित गणेश मंदिर पहुंचे वर्मा नतमस्तक हुए। कहा- हर शुभ काम का श्रीगणेश इस तरह ही करता हूं।

- पार्टी ने हम पर विश्वास किया है, हम इस पर खरे उतरेंगे। पिछला जो रिकॉर्ड है, उससे ज्यादा से जीत दर्ज करेंगे। विकास कार्यों के लिए जनता के बीच जाएंगे। किसी भी प्रकार की चुनौती नहीं। कांग्रेस खत्म है, उनके पास अनर्गल आरोप लगाने के अलावा कोई काम नहीं है। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है, सब एक साथ हैं। भाजपा की सरकार मप्र में बनेगी।
देवेंद्र वर्मा, खंडवा