मध्यप्रदेश पुलिस हाईटेक होती जा रही है। ये सभी जानते हैं लेकिन रिकॉर्ड में आज भी 12 महीना साइकिल भत्ता मिलता है, वहीं एएसपी को 30 रुपए धुलाई भत्ता।
पीयूष तिवारी
खंडवा. एमपी पुलिस आधुनिक औजारों और हाईटेक संसाधनों से लैस होने का दावा कर रही है। जहां शासन ने पुलिस को डायल १००, सीसीटीएनएस सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की पहल की है। वहीं दूसरी ओर हमारी पुलिस सिर्फ १२ रुपए के भत्ते के दम पर एक माह तक साइकिल पर दौड़ रही है।
दशकों पुरानी व्यवस्था से जुझ रही पुलिस
प्रदेश की पुलिस कागजों में साइकिल से चलती है। इसका प्रमाण पुलिस को मिलने वाले वेतन में साइकिल भत्ते के नाम से दर्ज है। पुलिस को भत्ते के नाम पर दो-चार सौ रुपए नहीं बल्कि मात्र १२ रुपए ही मिलते हैं। इन १२ रुपए में ही जिले के आरक्षक और प्रधान आरक्षक महीनेभर ड्यूटी कर अपने काम निपटा रहे हैं। हकीकत देखें तो १२ रुपए में एक जवान माह में सिर्फ दो चाय ही पी सकता है। महंगाई के इस दौर में आज भी पुलिस के भत्ते पुराने समय के हैं। ऐसे में जवानों को अपनी सैलरी से रुपए खर्च करना पड़ते हैं।
आरक्षक और प्रधान आरक्षक का ये है कार्य
थाने या कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मी को समन देना, सूचना देना, ड्यूटी पर जाना, चीता और बीट में भ्रमण करना सहित दिनभर में कम से कम १५ से २० किमी बाइक चलानी पड़ती है। एेसे में कम से कम ५०-१०० रुपए का पेट्रोल में खर्च हो जाते हैं। एेसे में इन नियमों में अब अदलाव की काफी जरूरत है।
वर्दी धुलाई और पौष्टिक आहार का मिलता है भत्ता
जिले के पुलिस विभाग में एसपी और एएसपी सहित कुल ९४१ अधिकारी और कर्मचारी पदस्थ हैं। इसमें ७६७ पुलिस जवान शामिल हैं। इन्हें करीब पांच तरह के भत्ते वेतन के साथ हर माह मिलते हैं। इनमें आरक्षक और प्रधान आरक्षक को साइकिल एलाउंस के साथ ही पौष्टिक आहार, वर्दी धुलाई, विशेष भत्ता, स्थाई यात्रा भत्ता मिलता है। भत्तों की राशि कम होने से पुलिसकर्मी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। जबकि किसी भी थाने में आरक्षक और प्रधान आरक्षक को ही प्रकरणों में ज्यादातर भागदौड़ करना पड़ती है। भत्ते का नियम करीब चार से पांंच दशक पुराना है। बावजूद इसके शासन पुलिस भत्ते में बदलाव के लिए कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रहा है।
ये हैं महीनेभर के भत्ते...
भत्ता कर्मचारी रुपए
पौष्टिक आरक्षक/प्रधान आरक्षक ६५०
वर्दी धुलाई आरक्षक से एएसपी ६०
विशेष भत्ता आरक्षक से एएसपी १८
साइकिल आरक्षक/प्रधान आरक्षक १२
स्थाई भत्ता आरक्षक १२५
स्थाई भत्ता प्रधान आरक्षक २००