
नगर निगम में 468 अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला तूल पकडऩे लगा है। निगम ने लोकायुक्त में 8 अक्टूबर को निगम ने पेश किया जवाब, जिसमें 2017 से 2023 के बीच नियुक्तियों की जांच में कार्रवाई का ब्योरा दिया, जिसमें नगर निगम ने कहा है कि जांच के बाद निगम प्रशासन ने पांच तत्कालीन आयुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किए हैं ,एमआईसी के सामने रखा प्रस्ताव जाएगा ।
नगर निगम में अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्तियों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वर्ष 2017 से 2023 के बीच 468 अस्थायी श्रमिकों को काम पर रखने के मामले में लोकायुक्त की जांच के बाद निगम प्रशासन ने पांच तत्कालीन आयुक्तों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किए हैं। वहीं, संबंधित कर्मचारियों को हटाने के मामले में वैधानिक प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसका खुलासा नगर निगम के द्वारा दो दिन पहले 8 अक्टूबर को लोकायुक्त कार्यालय में पेशी के दौरान प्रस्तुत किए गए जवाब में कार्रवाई के ब्योरा में हुआ है।
लोकायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत किए गए जवाब के अनुसार शिकायतकर्ता अयूब लाला ने वर्ष 2017 से 2023 के बीच 468 अस्थायी श्रमिकों को काम पर रखे जाने के संबंध में शिकायत की थी। शिकायत में वित्त विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रचलित नियमों, परिपत्रों तथा आउटसोर्सिंग से काम कराने संबंधी निर्देशों के पालन पर सवाल उठाए गए थे। मामला लोकायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद नगर निगम से जवाब और कार्रवाई की जानकारी मांगी गई।
नगर निगम के 18 सितंबर 2026 के पत्र में बताया गया कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं। दस्तावेज में तत्कालीन निगम आयुक्त के रूप में जेजे जोशी, हिमांशु सिंह, हिमांशु भट्ट, सविता प्रधान और नीलेश दुबे के नाम दर्ज हैं। संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, इंदौर संभाग ने 29 सितंबर को निगम से कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी मांगी थी।
निगम की ओर से लोकायुक्त कार्यालय को दिए गए जवाब में कहा गया कि अस्थायी श्रमिक कर्मचारियों को हटाने के संबंध में वैधानिक स्थिति और आगामी कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे निर्णय के लिए महापौर इन काउंसिल (एमआईसी) के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई है। प्रस्ताव पर निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।
8 अक्टूबर को नगर निगम की ओर से बाजार प्रभारी प्रकाश राजपूत ने लोकायुक्त कार्यालय में पक्ष रखा। निगम ने जवाब में विभागीय कार्रवाई और कर्मचारियों को हटाने के प्रस्ताव से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी। अब मामले में आगे की कार्रवाई और प्रस्ताव पर होने वाले निर्णय पर नजर रहेगी।
नियुक्ति अवधि : वर्ष 2017 से 2023
शिकायत में उल्लेखित कर्मचारी : 468 अस्थायी श्रमिक
कार्रवाई : पांच तत्कालीन अधिकारियों को आरोप पत्र
29 सितंबर : संयुक्त संचालक कार्यालय ने मांगा जवाब
8 अक्टूबर : लोकायुक्त कार्यालय में निगम ने प्रस्तुत किया पक्ष
अगला चरण : कर्मचारियों को हटाने के प्रस्ताव पर निर्णय