
शहर की जीवनदायिनी आबना नदी का कैचमेंट एरिया सिकुड़ रहा है। नदी के ग्रीन एरिया में 30 फीट ऊंची पक्की दीवार खड़ी कर दी गई है। गुलमोहर कॉलोनी के सामने विकसित हो रही नई कॉलोनी में नदी से निर्धारित दूरी के नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। निगम की प्रारंभिक जांच में 15 मीटर की जगह महज एक मीटर छोड़कर निर्माण किए जाने की पुष्टि हुई है।
निगम की प्रारंभिक जांच में 15 मीटर की जगह महज एक मीटर छोड़कर निर्माण किए जाने की पुष्टि हुई है। एक तरफ सरकार जल संरक्षण और जल संरचनाओं को सहेजने का अभियान चला रही है, दूसरी तरफ नदी के प्राकृतिक बहाव और जलभराव क्षेत्र में पक्के निर्माण हो रहे हैं। मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद अब निगम को दोबारा जांच करनी पड़ रही है। कोर्ट ने चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
नगर निगम की जांच के अनुसार गुलमोहर कॉलोनी और आबना नदी के बीच कावेरी नाम से नई कॉलोनी विकसित की जा रही है। करीब तीन एकड़ में विकसित हो रही इस कॉलोनी की एक दीवार नदी के कैचमेंट एरिया में बनाई गई है। जांच में नदी से 15 मीटर की जगह केवल एक मीटर दूरी छोड़े जाने की बात सामने आई है। निगम ने 6 नवंबर 2025 को कॉलोनी की विकास अनुमति स्थगित करते हुए निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया था। हालांकि, कॉलोनाइजर ने निगम में जवाब देने के बजाय नोटिस को कोर्ट में चुनौती दे दी। इसके चलते कार्रवाई अटक गई। अब कोर्ट के निर्देश पर निगम के अधिकारी दोबारा जांच कर रहे हैं।
कॉलोनी विकसित करने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कार्यालय से 31 दिसंबर 2020 को अनुमति मिली थी। इसके बाद नगर निगम ने 7 मई 2024 को विकास अनुमति जारी की। नदी के कैचमेंट एरिया में दीवार निर्माण की शिकायत मिलने पर निगम ने 6 अक्टूबर 2025 को विकास अनुमति स्थगित कर दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम ने कैचमेंट एरिया से निर्माण हटाने का 13 अक्टूबर 2025 को नोटिस दिया।मामले की दोबारा जांच में नक्शे को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कार्यालय से दिसंबर 2020 में जारी पहले नक्शे में संबंधित हिस्से पर प्लॉट दर्ज थे। वहीं, 28 नवंबर 2025 को संशोधित नक्शे में इसी हिस्से को बगीचे के रूप में दर्शाया गया है। अब जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नक्शे में संशोधन किन परिस्थितियों में और किस आधार पर किया गया।
आबना नदी के ग्रीन एरिया में निर्माण का मामला करीब एक साल पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( एनजीटी ) तक भी पहुंचा था। जांच के बाद निगम ने निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया, लेकिन कॉलोनाइजर के कोर्ट चले जाने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अब न्यायालय के निर्देश पर निगम ने फिर से जांच शुरू की है।
भूमि विकास नियम के बिंदु क्रमांक 50 ( ख ) के अनुसार नदी से 15 मीटर का क्षेत्र छोडने का प्रावधान है। इसके बावजूद कावेरी कॉलोनी में आबना नदी के कैचमेंट एरिया में निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। नगर निगम की प्रारंभिक जांच में निर्धारित 15 मीटर की जगह महज एक मीटर दूरी छोड़े जाने की पुष्टि हुई है। यानी नियम के अनुसार जितनी जगह छोड़ी जानी थी, उससे 14 मीटर कम जगह छोड़ी गई। इसके चलते नदी के प्राकृतिक कैचमेंट और जलभराव क्षेत्र पर निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आबना नदी के कैचमेंट एरिया में कावेरी कॉलोनी की दीवार के निर्माण की दोबारा जांच शुरू की जा रही है। जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।