
पुलिस कंट्रोल रूम में एएसपी सिंघारिया और सीएसपी अभिनव बारंगे ने इस मामले में प्रेसवार्ता ली। एएसपी सिंघारिया ने बताया कि इसी वर्ष 9 जुलाई को बबरीवन स्थित कालीशाह मस्तान की दरगाह के पास से कोतवाली पुलिस ने अवैध पिस्टल के साथ आफताब उर्फ घुटला गिरफ्तार किया था। पुछताछ के दौरान अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। विवेचना में सामने आया कि आरोपी गुंडा अमन उर्फ अबुबक्स उर्फ लाला ने अपने साथियों सलमान और आबिद की मदद से वह पिस्टल खरीदी थी। गुंडे अमन और उसके साथियों ने पूछताछ में मनोज सिकलीगर पिस्टल खरीदना बताया था।
पिस्टल 25 हजार रुपए, देशी कट्टा 8 हजार रुपए में
कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य और उनकी टीम ने आरोपी मनोज पिता भगत सिकलीकर को गिरफ्तार किया है। वह देवास जिले के ग्राम कालापाठ का रहने वाला है। करीब तीन माह बाद मनोज पुलिस के हाथ लगा है। एएसपी सिंघारिया का कहना है कि मनोज भगत अवैध हथियार बनाने में माहिर है। वह खुद ही पिस्टल और देशी कट्टा बनाकर बेच रहा था। सोशल मीडिया और अन्य माध्यम से वह आपराधिक तत्वों के संपर्क में रहता था। जिसके बाद वह उन्हें पिस्टल 25 हजार रुपए और देशी कट्टा 8 हजार रुपए में बेच देता।
आरोपी तीन दिन की रिमांड पर
अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क खंगालने के लिए मनोज को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। रतलाम और देवास में भी उसके खिलाफ अवैध हथियार के दो केस दर्ज है। पुलिस ने आरोपी से हथियार बनाने में उपयोग होने वाली कटर मशीन सहित अन्य सामान भी जब्त किया है। इस कार्रवाई में हेडक्वार्टर डीएसपी दुर्गेश आर्माे, कोतवाली थाना प्रभारी आर्य, एएसआइ दुर्गाप्रसाद पाल, प्रकाश ठाकरे, प्रधान आरक्षक अमर प्रजापत, लतेशपाल सिंह तोमर, आरक्षक अनुराग सिंह, हेमंत सपकाले, अरविंद तोमर सहित अन्य की सराहनीय भूमिका रही।
Updated on:
1 Nov 2026, 12:14 PM IST
Published on:
1 Nov 2026, 12:14 PM IST
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