जीएसटी लागू होने के बाद खत्म हुआ मनोरंजन कर अब नगरीय निकाय वसूलेंगे, नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल के उप सचिव का आया पत्र।
खंडवा. जीएसटी लागू होने के बाद खत्म सिनेमाघरों से मिलने वाला मनोरंजन कर समाप्त हो गया था लेकिन राज्य सरकार ने यह कर वसूलने के अधिकार नगरीय निकायों को दे दिए हैं। अब निगम को मनोरंजन कर वसूलने का अधिकार होगा।
नगर निगम में मप्र शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल के उप सचिव का पत्र आयुक्त के नाम आया। इसका मजमून ये है कि राज्यपाल द्वारा मप्र नगर पालिक विधि (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश-2018 अधिसूचित किया गया है। इस अध्यादेश द्वारा मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 तथा मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 में संशोधन करके नगरीय निकायों को मनोरंजन तथा आमोद-प्रमोद पर कर लगाए जाने की शक्ति प्रदत्त की गई है। अत: अधिनियमों में संशोधन के आधार पर कर अधिरोपित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनोरंजन कर की अधिकतम सीमा 20 प्रतिशत रह सकती है।
जीएसटी से पड़ा था ये प्रभाव
जीएसटी लागू होने के पहले मप्र विलासिता, मनोरंजनए आमोद एवं विज्ञापन कर अधिनियम-2011 के तहत सिनेमाघरों अथवा अन्य मनोरंजन कर कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट वसूल करता था। अब राज्य सरकार ने राजस्व हानि से बचने के लिए यह अधिकार निकायों को देने का निर्णय लिया है।
मनोविनोद व मनोरंजन की परिभाषा के साथ उल्लेख
आदेश में मनोविनोद व मनोरंजन की परिभाषा दी गई है तथा बिंदुवार उल्लेख किया गया गया है कि क्या-क्या और कौन-कौन इसके दायरे में आएंगे...
- कोई प्रदर्शनी, प्रस्तुतीकरण, मनोविनोद, खेल या क्रीड़ा जिसमें व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाता हो।
- डीटीएच सेवा प्रदाता द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से उपलब्ध कराया गया मनोरंजन।
- केबल ऑपरेटर द्वारा केबल सेवा के माध्यम से उपलब्ध कराया गया मनोरंजन।
- किसी दूरसंचार सेवा प्रदाता द्वारा दूरसंचार सेवा के माध्यम से उपलब्ध कराए गए रिंगटोन, संगीत, वीडियो, चलचित्र, एनीमेशन, खेल, जोक्स व अन्य।
- दूरसंचार सेवा प्रदाता या किसी व्यक्ति द्वारा दूरसंचार सेवाओं के माध्यम से आयोजित प्रतियोगिताएं।
- किसी अन्य तकनीकी साधन या उपकरण के माध्यम से उपलब्ध कराया गया मनोरंजन।
- निगम का राजस्व बढ़ेगा
अध्यादेश आने के बाद निगम में नगरीय प्रशासन विभाग से आदेश आए हैं। आदेशों के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर हम इसे लागू करेंगे। इसका पालन कराएंगे। इसके लागू होने से निगम का राजस्व बढ़ेगा।
जेजे जोशी, आयुक्त, ननि