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नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस का मौन प्रदर्शन, खंडवा में चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया

राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर शहर के केवलराम चौराहे पर कांग्रेस ने मौन धरना दिया। पदाधिकारी व कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया।
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कांग्रेस का मौन प्रदर्शन

बुधवार सुबह 11 बजे से केवलराम चौराहे पर कांग्रेस का मौन प्रदर्शन शुरू हुआ। जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि नामांकन निरस्त किए जाने की कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण निर्णय की मांग की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर प्रतिभा रघुवंशी ने बताया कि संबंधित मामला किसी आपराधिक प्रकरण से जुड़ा नहीं है, केवल न्यायालयीन नोटिस का विषय है, जिसे शपथ पत्र में उल्लेखित करना अनिवार्य नहीं था।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है। मौन धरने के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ मुनीश मिश्रा, ओंकार पटेल, सुनील सकरगाये,अवधेश सिसोदिया, प्रेमांशु जैन, विशाल जैन,दीपक मुल्लू राठौर, अर्श पाठक, राजकुमार कैथवास सहित अन्य मौजूद रहे।

युवक कांग्रेस ने जलाया पुतला

जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण और शहर के संयुक्त नेतृत्व में मीनाक्षी नटराजन मामले को लेकर केवलराम पेट्रोल पंप पर चल रहे धरने के बीच युवक कांग्रेस के आक्रोशित युवाओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंक दिया। उन्होने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है ,लोकतंत्र की हत्या बंद होना चाहिए । तानाशाही हटाकर लोकतंत्र को बचाना चाहिए ,एक तरह जहां नीट परीक्षा में लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और उनके दोषी पर अभी तक कार्यवाही नही हुई है और मीनाक्षी नटराजन मामले ने गलत तरीके से उनका नामांकन निरस्त करवाकर भाजपा ने अपना महिला विरोधी चेहरा उजागर किया है।

सोशल मीडिया पर भी उठा मामला

मौन प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाते हुए चुनाव आयोग से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे और न्याय मिलने तक संघर्ष करेंगे।