
नगर सरकार के 252 करोड़ के प्रोजेक्ट में टेंडर की लिपिकीयत्रुटियाें ने जनता की मुश्किलें बढ़ा दी है। काम शुरू हुए आठ माह हो गए। मरम्मत के समय ठेकेदार ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि टेंडर में डामरीकृत सड़कों का अनुबंध नहीं हुआ है। इसमें सिर्फ सीसी मार्ग का अनुबंध है। अधिकारियों का कहा है कि रिमाइंडर किया गया है, कंस्ट्रक्शन कंपनी संशोधित आदेश का इंतजार कर रही ।
शहर में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी जा रही हैं। लेकिन मरम्मत की बारी आई तो डामरीकृत सड़कों का प्रावधान ही टेंडर से गायब मिला। करीब 60 किमी डामरीकृत सड़कों को मरम्मत के दायरे में शामिल नहीं किया गया। अब कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे डामरीकृत वाले मार्ग आनंद नगर, सिविल लाइंस, पदम नगर सहित अन्य वार्डों में मरम्मत का काम अटका है। यही नहीं डामरीकृत मार्गों पर पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी बंद कर दिया गया है। हालांकि निगम कंस्ट्रक्शन कंपनी को मरम्मत कार्य कराने के साथ ही त्रुटिपूर्ण को संशोधित कराने नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा है।
शहर में 252 करोड़ रुपए की सीवरेज योजना के तहत 252 किमी पाइप लाइन बिछाई जानी है। निर्माण के बाद सड़कों की मरम्मत भी जरूरी है। लेकिन टेंडर में केवल सीसी सड़कों और कच्चे रास्तों को शामिल किया गया। डामरीकृत सड़कों को छोड़ दिया गया। अब इन सड़कों की मरम्मत कौन कराएगा, इसे लेकर जिम्मेदारों के बीच सवाल-जवाब चल रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रोजेक्ट कंसल्टेंट ने तैयार कर प्रस्तुत किया था। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी कंसल्टेंट की है। दूसरी ओर, जिन सड़कों पर सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खुदाई हुई। वहां मरम्मत नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कई क्षेत्रों में सड़कें बदहाल हैं। वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर में 252 किमी सीवरेज लाइन बिछाई जानी है। अब तक 80 किमी से अधिक पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ है। निगम का दावा है कि 23 किमी से अधिक मार्ग की मरम्मत और 5 किमी सीसी सड़क का काम भी पूरा कर लिया गया है। अक्टूबर तक निर्माण का लक्ष्य 50 प्रतिशत था। ऐसे में तय समय पर काम पूरा करने के साथ खोदी गई सड़कों की मरम्मत का कार्य पीछे चल रहा है। निगम का दावा है कि 35 फीसदी कार्य पूर्ण हो गया है।
सीवरेज कार्यों की निगरानी के लिए वार्डों के समूह के अनुसार इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की गई है। वार्ड 1 से 17 तक प्रभारी सहायक यंत्री मनीष झीलें और उपयंत्री दिनेश सोलंकी जिम्मेदार हैं। वार्ड 18 से 34 तक प्रभारी सहायक यंत्री राकेश कलम और उपयंत्री सर्वेश मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, वार्ड 35 से 50 तक सहायक यंत्री भरत सुरजाय और उपयंत्री आदर्श शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीवरेज का निर्माण अभी तक 35 फीसदी हो गया है। सीसी मार्गों के मरम्मत के कार्य चल रहे हैं। डामरीकरण के लिए रिमाइंडर शासन को भेजा गया है।
फैक्ट फाइल : सीवरेज योजना
कुल लागत : 252 करोड़ रुपए
पाइप लाइन का लक्ष्य : 252 किमी
अब तक पाइप लाइन : 80 किमी से अधिक
मार्ग मरम्मत : 25 किमी
सीसी सड़क निर्माण : 5 किमी
इंस्पेक्शन चैंबर : 19 हजार
पंपिंग स्टेशन : 5
मैनहोल : 7500