
नवरात्रि के अवसर पर शहरी क्षेत्र में 50 से अधिक छोटे-बड़े देवी पांडाल सजाए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से निगम ने दुर्गा पांडालों में अग्निशामक यंत्र रखने और कटे-लटकते बिजली तार सुरक्षित करने के निर्देश। जांच के दौरान अधिकतर देवी पांडालों में सुरक्षा की व्यवस्था कमजोर मिली है।
नवरात्रि में दुर्गा पांडालों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने शहरी क्षेत्र में निरीक्षण किया। टीम ने छोटे-बड़े 37 दुर्गा पांडालों के संचालकों को सूचना पत्र जारी किए हैं। निरीक्षण के दौरान टीम ने समितियों को अग्निशामक यंत्र रखने और रेत से भरी बाल्टियां रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पांडालों में बिजली सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
नगर निगम की टीम में विद्युत शाखा के कर्मचारी और एमपीईबी के अधिकारी भी शामिल रहे। टीम ने पांडालों में कटे हुए और लटकते बिजली तारों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि बिजली के तारों में लापरवाही से आग लगने या करंट फैलने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। निगम का सहायक फायर अधिकारी कार्तिक जैन ने बताया कि संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान दुर्गा पंडाल के संचालकों को समझाइए दी गई है।
इन स्थानों पर जांची सुरक्षा व्यवस्था
नगर निगम और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने तुलजा भवानी समिति, एनवीडीए कॉलोनी,सर्वोदय कॉलोनी, मां शारदा युवा समिति, कंचन नगर, पोस्ट ऑफिस कॉलोनी, नर्मदा नगर, नर्मदा उत्सव समिति, रामनगर क्षेत्र, रामनगर, पंजाब कॉलोनी, इंदिरा चौक, शिवाजी चौक, जय भवानी समूह, गौशाला क्षेत्र समेत अन्य दुर्गा पांडालों में निरीक्षण कर समझाइश दी गई है।
पांडालों में अग्निशामक यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखें। कटे और लटकते बिजली तारों को सुरक्षित करें। नगर निगम ने शहरी क्षेत्र के 37 छोटे-बड़े पंडाल संचालकों को सूचना पत्र जारी किए हैं।