खंडवा

2400 दीपों से राष्ट्र जागरण महा दीपयज्ञ, 5 हजार श्रद्धालुओं ने दी आहुति

108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ...चौथे दिन शांतिकुंज से आए केंद्रीय प्रतिनिधियों ने यज्ञ व संस्कार संपन्न कराए।
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Jan 16, 2018
108 kundiya Gayatri maha Yagya at khandwa
108 kundiya Gayatri maha Yagya at khandwa

खंडवा. 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ आयोजन के चौथे दिन सोमवार सुबह 7 बजे से ही आयोजन स्थल पर यज्ञ करने के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे। सुबह 8 बजे से यज्ञ में आहुतियां देने का सिलसिला शुरू हुआ। 5 हजार श्रद्धालुओं ने आहुति दी तो वहीं शाम को 2400 दीपों से राष्ट्र जागरण महा दीपयज्ञ हुआ।
शांतिकुंज से आए केंद्रीय प्रतिनिधियों ने यज्ञ व संस्कार कराए। जिसमें 2400 जोड़ों सहित 5 हजार से अधिक लोगों ने भावपूर्वक यज्ञ में आहुति प्रदान की। अधिवक्ता सुजानसिंह राठौर, मोहन गंगराड़े, दिनेश सावनेर, ऋषि अग्रवाल, सुभाष शर्मा सहित शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। विभिन्न संस्कार हुए। गायत्री परिवार के महाकाल मंडल के आशीष पटेल, अशोक यादव, राजेंद्र बिल्लौरे, राकेश तिवारी, देवा भावसार, ईश्वर चिरोलिया, अनिल यादव, सुरेश खले, कमलेश नेगी, विजय शर्मा, श्याम गोरे, कृष्णा भावसार, राजू सैनी ने सेवाएं दी। गायत्री परिजन की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। आभार अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव व संतोष खेड़ेकर ने माना।


दहेज मुक्ति का दिया संदेश
दोपहर में 3 बजे कार्यक्रम स्थल पर दहेज मुक्त दो आदर्श विवाह भी हुए। सुरगांव निवासी रणजीत सिंह का बडग़ांव भीला निवासी गायत्री से आदर्श विवाह एमके कानडे व आनंदीलाल सोनी ने विवाह संस्कार कराया। इससे पहले सुबह 5 से 7 बजे के बीच योगाचार्य जितेंद्र शुक्ला ने योग करवाया। इधर, शाम को राष्ट्र जागरण महा दीपयज्ञ हुआ, जिसमें भी हजारों लोग अपने साथ मिट्टी के दीप लेकर उपस्थित हुए। शांतिकुंज से आए शशिकांत भाई, बसंतलाल सोलंकी, दिलथिर यादव, राजाराम भाई ने दीपयज्ञ कराया। संचालन ब्रजेश पटेल ने किया।


ताई बोलीं- बेटियों को उठाना पड़ेगा बीड़ा
महाराष्ट्र की उमुक ताई, इंदौर से डॉ. साधना पारे सहित राष्ट्र सेविका समिति प्रमुख बीना शाह, प्राचार्य अरुणा तिवारी भी शामिल हुईं। सरस्वती शिशु मंदिर , पूनमचंद गुप्ता स्कूल सहित शहर व ग्रामीण के अन्य शैक्षणिक संस्थाओं से आई करीब 3000 बालिकाओं को संबोधित करते हुए उमुक ताई ने कहा कि आज समय बड़ी तेजी से बदल रहा है। लोगों के सोचने का ढंग भी बदल रहा है विज्ञान ने जहां एक तरफ चमत्कार दिखाए हैं, वही उसके दुरुपयोग की सीमा भी नासमझों ने तोड़ दी है। इसके सुधार के लिए आज हमारी बेटियों को ही बीड़ा उठाना पड़ेगा। संचालन रश्मि सोनी ने किया। अधिवक्ता देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अतिथियों का सम्मान मनोरमा तिवारी, देशमुख ताई, सुशीला पटेल, संगीता खेड़ेकर, रेशम समेडिय़ा, जीवन लता पालीवाल ने किया। आभार रुपाली बेन पटेल ने किया।

Published on:
16 Jan 2018 12:08 pm