
सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर ओंकारेश्वर और ममलेश्वर क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों से प्रभावित होने वाली संपत्तियों के सर्वे का कार्य गुरुवार को शुरू हुआ। सर्वे के पहले ही दिन ब्रह्मपुरी क्षेत्र में विरोध भी शुरू हो गया। टीम को स्थानीय नागरिकों की आपत्तियों के चलते आगे की कार्रवाई रोकनी पड़ी। लोगों ने सर्वे के दायरे पर सवाल उठाते हुए पहले 98 प्रभावित मकानों की सूची सार्वजनिक करने की मांग की।
विरोध कर रहे ओंकारेश्वर भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष वर्मा ने कहा कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में 98 मकानों के प्रभावित होने की बात सामने आई है, लेकिन सर्वे टीम इन मकानों के अलावा अन्य संपत्तियों का भी सर्वे कर रही थी। इससे स्थानीय लोगों में असमंजस की स्थिति बनी। उन्होंने मांग की कि प्रशासन पहले प्रभावित मकानों की सूची उपलब्ध कराए, ताकि लोगों को स्पष्ट हो सके कि किन परिवारों और संपत्तियों को सर्वे के दायरे में लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में पारदर्शिता रखकर स्पष्ट जानकारी दी जाती है तो स्थानीय नागरिक सर्वे में सहयोग करेंगे।
नायब तहसीलदार उदय मंडलोई ने बताया कि स्थानीय नागरिकों ने 16 सदस्यीय समिति से सर्वे के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने की बात कही है। इस पर समिति के सदस्यों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद शुक्रवार को सर्वे की आगामी कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन ने ममलेश्वर और ओंकारेश्वर क्षेत्र में सर्वे के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की हैं। ममलेश्वर क्षेत्र की आठ सदस्यीय टीम और ओंकारेश्वर क्षेत्र की सात सदस्यीय टीम बनाई गई है। नायब तहसीलदार उदय मंडलोई और तहसील कार्यालय के राजस्व निरीक्षक शैलेंद्र सिंह सोलंकी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीमों में एमपीटी इंजीनियर बृजभूषण सहित नगर परिषद के कर्मचारी और पटवारी शामिल हैं।
सर्वे का उद्देश्य प्रस्तावित विकास कार्यों से प्रभावित होने वाली संपत्तियों, दस्तावेजों और अन्य जानकारियों को जुटाना है। हालांकि, 98 मकानों की सूची और सर्वे के वास्तविक दायरे को लेकर स्पष्टता नहीं होने से स्थानीय नागरिकों की नाराजगी सामने आई है। समिति के साथ होने वाली चर्चा पर सबकी निगाहें टिकी हैं।