-प्रोटोकॉल दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपए निर्धारित, तीन गुना भाव में बेच रहे थे -एक ही नंबर के बेंड दो बार पहुंचने पर हुआ शक, ट्रस्ट के चार कर्मचारियों को पकड़ा
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में वीआइपी प्रोटोकॉल दर्शन के रिस्ट बेंड (कलाई पर पहनाने वाले बेल्ट) की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। प्रोटोकॉल दर्शन के लिए नियुक्त ट्रस्ट के कर्मचारी ही इस अवैध काम में लगे हुए है। वीआइपी प्रोटोकॉल दर्शन बुक कराने पर मिलने वाले रिस्ट बेंड को रीप्रिंट कर तीर्थयात्रियों को महंगे दामों में बेचा जा रहा था। शंका के आधार पर मंदिर ट्रस्ट प्रशासन ने चार कर्मचारियों को पकड़ा है। जिनके खिलाफ मांधाता थाने में कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है।
300 को बेंड एक से डेढ़ हजार में
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में प्रतिदिन 20 से 30 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे है। प्रशासन ने शीघ्र दर्शन के लिए प्रोटोकॉल बैंड की व्यवस्था की है। ओंकारेश्वर मंदिर की अधिकृत वेबसाइट पर 300 रुपए प्रति व्यक्ति के मान से वीआइपी दर्शन बुकिंग की जाती है। वहीं, रक्तदान करने पर नि:शुल्क वीआइपी प्रोटोकॉल दर्शन कराए जाते है। बुकिंग कराने वाले तीर्थयात्री के हाथ में एक नंबर लिखा बेंड बांधा जाता है, जिसे देखकर मंदिर के कर्मचारी उन्हें प्रोटोकॉल के तहत शीघ्र दर्शन कराते हैं। इस व्यवस्था के बीच श्रीजी मंदिर ट्रस्ट के कुछ कर्मचारी गिरोह बनाकर रिस्ट बैंड के डुप्लिकेट बनाकर कालाबाजारी कर रहे हैं।
सूरत के दर्शनार्थियों की आइडी नोयडा के लोगों को बेची
पहली घटना रविवार को ही हुई है। सूरत के पंकज, भावीन, योगेश, जय द्वारा शीघ्र दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई गई थी। झूला पुल काउंटर पर ट्रस्ट के कर्मचारी शुभम दुबे और चमनसिंह चौहान द्वारा सुबह 9.59 बजे एक ही समय में ऑनलाइन टिकट आइडी नंबर 525697 के बेड रीप्रिंट कर अवैध रूप से अन्य लोगों को बेचा गया। दर्शन के समय एक ही नंबर की दो आइडी मिलने पर मंदिर में मौजूद कर्मचारियों ने पकड़ा। जिस पर बेंड खरीदने वाले नोयडा के सूरज चौधरी द्वारा प्रोटोकॉल दर्शन अधिकारी डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव से की। सूरज चौधरी की शिनाख्त पर मंदिर प्रशासन ने दोनों कर्मचारियों को पकड़ा।
रक्तदान के नि:शुल्क बेंड को किया रीप्रिंट
दूसरी घटना में रविवार को ट्रस्ट के कर्मचारी कम्प्यूटर ऑपरेटर गणेश वास्कले द्वारा रक्तदान करने वाले दो रक्तदाताओं को शाम 4.06 बजे ब्लड डोनेशन आइडी 39050 जारी की गई। इसके 10 मिनट बाद इसी बेंड नंबर को रीप्रिंट कर व्हीलचेयर कर्मचारी नरेंद्र भास्कने को दिया। नरेंद्र भास्कले ने करण भास्कले के माध्यम से कोटितीर्थ घाट पर जम्मू कश्मीर से आए दर्शनार्थी रोहित कुमार और उसके साथी को 2300 रुपए में बेचा गया। एक ही नंबर की दो आइडी मिलने से पूरा मामला खुला।
चारों के खिलाफ दिया आवेदन
ऑनलाइन बुकिंग टिकट आइडी और ब्लड डोनेशन नि:शुल्क आइडी बेंड की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। चार कर्मचारियों को पकड़ा गया है, जिनके सीसीटीवी फुटेज भी निकाले गए है। मांधाता थाने में आवेदन दिया गया है।
मुकेश काशिव, डिप्टी कलेक्टर, प्रोटोकॉल अधिकारी