
भारत सरकार की ‘ वन नेशन वन स्टूडेंट आइडी ’ बनाने की रफ्तार धीमी है। स्कूलों में मेगा शिविर की समय सीमा 30 जून को पूरी हो गई। अभी पहली से 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाले 53 हजार छात्रों की अपार आइडी जनरेटर नहीं हो सकी है। जबकि डेढ़ हजार छात्रों की आइडी पोर्टल में अटकी हुई है।
भारत सरकार वन नेशन वन स्टूडेंट आइडी बनाने यानी अपार आइडी ( ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री ) के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 30 जून तक स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा शिविर के रूप में लगाया गया। स्कूल शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 1729 स्कूलों में पहली से 12 वीं तक के 2 लाख 44 हजार 499 छात्र पंजीकृत हैं। अब तक 1 लाख 88 हजार 407 छात्रों की अपार आइडी जनरेट हो चुकी है। शेष बच्चों की आइडी जनरेट करने की कागजी प्रक्रिया चल रही है।
विशेष शिविर के दौरान अपार आइडी जनरेट के लिए पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया के दौरान 594 छात्रों के आवेदन रिजेक्ट हो गए हैं। इसकी वजह दस्तावेज में त्रुटिपूर्ण बताई जा रही है। इसमें खंडवा, खालवा और पंधाना में सबसे अधिक फेल हुए हैं। खालवा के छात्र श्रूति के जन्म प्रमाण पत्र, आधार में सर नेम में त्रुटि होने के कारण ऑनलाइन आवेदन रिजेक्ट हो गया। इसी तरह अन्य छात्रों के दस्तावेज में त्रुटि रही।
1729 -पहली से 12 वीं तक स्कूल ।
244499-पहली से 12 वीं तक बच्चे ।
188407-अब तक अपार आइडी जनरेट ।
53929-लंबित बच्चों की संख्या ।
1569 -आइडी जनरेट की प्रक्रिया में।
594 -ऑनलाइन आवेदन रिजेक्ट ।
अपार आइडी जनरेट की प्रक्रिया रेगुलर चलती रहेगी। जिन बच्चों के दस्तावेज त्रुटिपूर्ण हैं उन्हें सुधार कर जल्द अपार आइडी जनरेट कराई जाएगी। स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को विशेष अभियान के तहत मेगा शिविर 30 जून तक निर्धारित था।