
पंचायत एवं ग्रामीण विकास अब पंचायतों में टैक्स वसूली की तैयारी है। अभी तक सामान्य तौर पर सरपंच-सचिव स्तर पर ही प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी। लेकिन अब सरकार ने संपत्तिकर व जलकर वसूली करने ऐप लांच किया है। ऑनलाइन टैक्स वसूली के लिए पेमेंट गेट वे ऐप लांच किया है। ऐप में पंचायतों के पास एक-एक पाई का हिसाब होगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पंचायतों में ऑनलाइन टैक्स वसूली के लिए पेमेंट गेट वे ऐप लांच किया है। पंचायतों में कर टैक्स भुगतान करते ही ऑनलाइन पर्ची भी मिलेगी। डिजिटल पर फोकस किया जा रहा है। इसी को लेकर पंचायत अमले को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंचायतों में नल-जल परियोजनाओं के संचालन में बेहतर प्रबंधन के साथ संपत्तिकर वसूली के लिए नई दरें तय करने की जानकारी दी गई। गुरुवार को जपं खंडवा, खालवा, हरसूद और बलडी के जिपं सीईओ, सहायक यंत्री, उपयंत्री, सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायकों की संयुक्त कार्यशाला में जानकारी दी इर्ग। इस दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता व जिपं सीईओ ने संबोधित किया। सचिवों ने बताया कि 100 रुपए माह जलकर वसूल किया जा रहा है। अब संपत्तिकर की नई दरें लागू करने की विधि बताई गई।
चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा का स्वरूप बदलकर जी-रामजी लागू की गई है। जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने गुरुवार को प्रशिक्षण सभागार में जपं सीईओ, सहायक यंत्री, उपयंत्रियों के साथ सरपंच-सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को योजनाओं के बेहतर प्रबंधन और क्रियान्वयन को लेकर प्रशिक्षण दिया। इस दौरान जी-रामजी जी योजना की पंचायत स्तर पर क्रियान्वयन की बारीकियां बताई। गारंटी योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिपं सीईओ डॉ नागार्जुन बी गौड़ा के द्वारा प्रशिक्षण के दौरान सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायकों के साथ अन्य अधिकारियों के मोबाइल बाहर ही जमा कर लिया गया। सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक मोबाइल जिपं कार्यालय में जमा रहा। करीब 500 से अधिक मोबाइल शाम तीन बजे तक जमा होने से पंचायत अमला पांच घंटे अपनों के नेटवर्क से बाहर रहे। प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण से ज्यादा परेशानी मोबाइल को संकलित करने में हुई। पानी की व्यवस्था के बाद भी अव्यवस्था हुई। सचिव व सरपंचों ने बताया कि सुबह दस बजे से आए हैं। प्रशिक्षण के बाद शाम तक मोबाइल लेने के लिए माथापच्ची करते रहे।