
खंडवा. मोरटक्का ब्रिज का चल रहा काम।
श्रावण मास में भोले बाबा की नगरी ओंकारेश्वर में जल चढ़ाने, जल लेने कावड़ यात्राएं आती है। वहीं, सावन के पवित्र माह में तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी दोगुनी हो जाती है। हर बार पर्व के दौरान जाम की स्थिति भी बनती है। मोरटक्का में नर्मदा का नया ब्रिज इस समस्या का हल है, लेकिन एनएचएआइ अब तक शुरू नहीं कर पाया है।
एनएचएआइ द्वारा मोरटक्का ब्रिज को मार्च में एक साइड से इसे खोला जाना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया गया। दूसरी ओर का पुल भी मई में शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसका मुख्य कारण पुल का कुछ काम बाकी बताया जा रहा है। साथ ही रास्ते में सर्विस रोड से जोडऩे वाले ग्रामीण क्षेत्रों की एप्रोच रोड और हाईवे के दो पुलों का काम भी बाकी बताया जा रहा है। सिंहस्थ के पूर्व ही उज्जैन से ओंकारेश्वर आने वाले यात्रियों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। पुल के आरंभ नहीं होने से इस बार श्रावण में भक्तों की राह आसान नहीं होगी।
फोरलेन हाईवे पर मोरटक्का में नर्मदा नदी पर नया 6 लेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां लेफ्ट हैंड साइड के पुल का काम पूरा भी हो चुका है, और मार्च में इसे खोला जाना था, लेकिन कई जगह सर्विस रोड और एप्रोच रोड की कनेक्टिविटी नहीं होने से स्थगित किया गया है। राइट हैंड साइड पर भी गर्डर लांचिंग के बाद रोड निर्माण का काम किया जा रहा है। इस पुल के आरंभ होने से इंदौर-खंडवा के लिए परिवहन करने वाले वाहन सीधे बलवाड़ा से धनगांव पहुंच सकते है। इन वाहनों को बड़वाह, मोरटक्का, सनावद नहीं जाना पड़ेगा।
बासवां के आगे सनावद के पास मेजर ब्रिज का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। यहां ब्रिज के पिलर खड़े हो चुके है, लेकिन एक्पेंशन जाइंट को जोडऩे का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके साथ ही उमरिया के पास अंडर पास, नहर के आगे अंडर पास के स्ट्रक्चर का काम चल रहा है। इसी रोड पर एक अन्य अंडरपास ब्रिज का काम भी बाकी है। साथ ही हाईवे से ग्रामीण सडक़ों की एप्रोच को जोडऩे का काम भी बाकी है।
हर साल श्रावण में जिला प्रशासन द्वारा इंदौर-खंडवा रोड पर बड़े लोडिंग वाहनों को प्रतिबंधित कर डायवर्ट रूट से निकालना पड़ता है। जिसके चलते वाहनों को करीब 100 किमी का फेरा लगाकर खलघाट, खरगोन होते हुए देशगांव से निकलना पड़ता है। यात्री वाहनों और आवश्यक सेवाओं के वाहनों पर प्रतिबंध नहीं रहता, जिसके चलते पुराने मोरटक्का ब्रिज पर यातायात का दबाव जस का तस बना रहता है। कई बार जाम की स्थिति के चलते घंटों वाहन अटके रहते है।
मोरटक्का पुल के राइट साइट के सिक्स लेन का काम लगभग पूरा हो चुका है। हाईवे के बीच में कुछ अंडर पास बाकी है, जिन्हे पूरा कराया जा रहा है। एप्रोच रोड से सर्विस रोड का जोडकऱ 30 जुलाई तक मोरटक्का पुल को शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं।
आशीष बिरला, परियोजना निदेशक एनएचएआइ
Updated on:
17 Jul 2026 12:23 pm
Published on:
17 Jul 2026 12:23 pm
