मध्यप्रदेश के खंडवा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रविवार को सुबह कोर्ट लगाई। ये संभव: पहली बार हुआ। एक चार की गार्ड के साथ रवाना हुआ कैदी।
खंडवा. प्रदेश में संभत: ये पहली बार हुआ है कि छुट्टी के दिन शाम ४ बजे कोर्ट समय के पहले सुबह ८ बजे कोर्ट लगाई। विशेष कोर्ट ने किसानों के साथ फर्जीवाड़े के आरोपी को पिता की अंत्येष्ठि में जाने की अनुमति प्रदान की। कोर्ट के आदेश बाद एक चार की गार्ड के साथ आरोपी को खरगोन रवाना किया गया। पूरे मामले में वकील, टीआई, जेलर और न्यायधीश की सराहनीय भूमिका रही।
खंडवा का ये पहला मामला
सजा या सुनवाई को लेकर विशेष परिस्थितियों में अवकाश के दिन भी न्यायालय के दरवाजे खुलते हैं लेकिन 26 नवंबर रविवार को खंडवा में एक आरोपी के लिए ऐसा हुआ। अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह तंवर से छैगांवमाखन टीआई पीएस डाबर मिले और बताया कि सुभाष पिता मीठाराम यादव निवासी ग्राम सेल्दा, तहसील भीकनगांव जिला खरगोन, हाल निवास तिलक नगर केनरा बैंक में प्यून थाए जो फर्जी पावती मामले में एक महीने से जेल में बंद है। अधिवक्ता सत्येंद्र तंवर ने बताया यूं तो आम दिनों में इस तरह जज सुनवाई करते हैंए लेकिन अवकाश के दिन किसी सनसनीखेज मामले के आरोपी की सुनवाई का यह पहला मामला है।
हाईकोर्ट से तीन बार नहीं मिली जमानत
सुभाष के पिता की शनिवार 25 नवंबर को ग्राम सेल्दा में मौत हो गई। तीन तीन प्रकरणों में हाइकोर्ट में अर्जी लगाने पर भी उसे जमानत नहीं मिली। अधिवक्ता सत्येंद्र ने रविवार सुबह 7 बजे जेल में बंद सुभाष से पिता की अंत्येष्ठि में शामिल होने की अर्जी ली और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तपेश कुमार दुबे को बताई। जज ने रविवार सुबह 8 बजे कोर्ट लगा दी और आरोपी की अर्जी स्वीकार कर उसे पिता की अंत्येष्ठि में शामिल होने के लिए एक दिन की अनुमति दे दी। तीन केसों में पत्र लिखने पर सुबह 9 बजे जेलर भूपेंद्र रघुवंशी ने एक चार की गार्ड के साथ पुलिस कस्टडी में सुभाष को पिता के अंतिम दर्शन के लिए रवाना किया।