खंडवा

कावड़ यात्रा 3 अगस्त को जाएगी ओंकारेश्वर, 6 को आएगी वापस

बैठक में जय हिंदू राष्ट्र कावड़ यात्रा का कार्यक्रम घोषित

2 min read
Jun 29, 2018
shiv yatra in khandwa

खंडवा. श्रावण मास के चलते शहर में विगत 12 वर्षों से निकल रही जय हिंदी राष्ट्र कावड़ यात्रा इस बार भी धूमधाम से निकलेगी। कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर गुरुवार को महादेवगढ़ परिसर में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कावड़ यात्रा के कार्यक्रम और तिथियों की घोषणा की गई। पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया इस वर्ष कावड़ यात्रा का शुभारंभ 3 अगस्त को रात 8 बजे होगा।
कवाड़ यात्रा से खंडवा से निकलकर ओंकारेश्वर पहुंचेगी। यहां 4 अगस्त को हजारों कावडि़ए मां नर्मदा का जल लेकर वापस खंडवा के लिए रवाना होंगे। ओंकारेश्वर से खंडवा तक कावडिए पैदल देशभक्ति गीत और भारत माता के जयकारे लगाते हुए पहुंचेंगे। श्रावण मास के दूसरे सोमवार ६ अगस्त को कावड़ यात्रा खंडवा पहुंचेगी, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए महादेवगढ़ पहुंचेंगी।
यहां भगवान महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। बैठक में महादेव गढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें कावड़ा यात्रा का तय कार्यक्रम बताया। उन्होंने जिले के सभी युवाओं से कावड़ा यात्रा में शामिल होने की अपील की गई। यात्रा में शामिल होने के लिए पंजयीन शुरू हो चुके हैं। इस दौरान अमित जैन, साकेत दीक्षित, पवन पटेल, संजय पटेल, बंटी ठाकुर, जसवंत वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कावंड यात्रा
भगवान परशुराम ने आराध्य देव शिव के नियमित पूजन के लिए पुरा महादेव में मंदिर की स्थापना कर कांवड़ में गंगाजल से पूजन कर कांवड़ परंपरा की शुरुआत की, जो देशभर में काफी प्रचलित है। कांवड़ की परंपरा चलाने वाले भगवान परशुराम की पूजा भी श्रावण मास में की जानी चाहिए। भगवान परशुराम श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को कांवड़ में जल ले जाकर शिव की पूजा-अर्चना करते थे। शिव को श्रावण का सोमवार विशेष रूप से प्रिय है। श्रावण में भगवान आशुतोष का गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक करने से शीतलता मिलती है। भगवान शिव की हरियाली से पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है।

Published on:
29 Jun 2018 06:00 am
Also Read
View All