आने वाला साल कल्याणकारी और उन्नतीकारक होगा। नए साल का स्वागत इस बार पंच महायोग के संयोग से होगा।
खंडवा. आने वाला साल कल्याणकारी और उन्नतीकारक होगा। नए साल का स्वागत इस बाद पंच महायोग के संयोग से होगा। वर्ष 2001 के बाद यह पहला अवसर है, जब साल की शुरुआत इस महायोग के साथ होगी।
पं. अंकित मार्कंडेय के मुताबिक यह साल 1990, 2001 और 2007 की तरह होगा। साल की शुरुआत सोमवार से हो रही है। इस दिन शुक्ल और आनं? योग ग हैं, साथ ही अमृत, सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि के योग भी बन रहे हैं। ऐसे में ये पांच महासंयोग नए साल को पहले के सालों से बेहतर बनाते हैं। एक जनवरी को शुक्र-शनि और सूर्य लग्न भाव में अवस्थित हैं। सूर्य भाग्येश होकर लग्न में बैठा है, जिसे हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक काफी शुभ संकेत माना जाता है।
ऐसा संयोग बहुत कम होता है, जब लगभग सभी स्नान पर्व एक ही माह में होते हैं, लेकिन 2018 में महाशिवरात्रि को छोड़कर पांच स्नान पर्व जनवरी में ही पड़ेंगे। 14 जनवरी की रात 7:45 बजे बृहस्पति अपनी राशि धनु को छोड़कर शनि ? की राशि मकर में प्रवेश करेगी। इसलिए उदया तिथि के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन भोर में 4:52 बजे माघी अमावस्या शुरू हो जाएगी। इसलिए मौनी अमावस्या का पर्व 16 जनवरी को है।
ये हैं स्नान पर्व
2 जनवरी मंगलवार : पौष पूर्णिमा
14/15 जनवरी, रविवार, सोमवार : मकर संक्रंति
16 जनवरी, मंगलवार : मौनी अमावस्या
22 जनवरी , सोमवार : वसंत पंचमी
31 जनवरी, बुधवार : माघी पूर्णिमा
साल में तीन बार होगा रवि पुष्य योग
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक २२ अप्रैल, २० मई और १७ जून को रवि पुष्य योग होंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र हैं। इनमें 8वें स्थान पर पुष्य नक्षत्र आता है, जो बेहद ही शुभ एवं कल्याणकारी नक्षत्र है, इसलिए इसे नक्षत्रों का सम्राट भी कहा जाता है। जब यह नक्षत्र रविवार के दिन होता है तो इस नक्षत्र एवं बार के संयोग से रवि पुष्य योग बनता है।
इन राशियों पर असर
मेष : सफलता, समृद्धि।
वृषभ: धन लाभ, स्वास्थ्य का ध्यान
मिथुन: पारिवारिक तकलीफ
कर्क: समृद्धि।
सिंह: धन की सुरक्षा करें।
कन्या: धन लाभ।
तुला: तबीयत बिगड़ सकती है।
वृश्चिक: चिंता, पारिवारिक प्रगति।
धनु: शत्रु भय।
मकर: स्त्री कष्ट।
कुंभ: रोग, धन लाभ।
मीन: व्यय की अधिकता।