ललित सोलंकी के घर डकैती का फुलप्रूफ प्लान डॉ शहजाद खान व तन्मय हाड़ा के शातिर दिमाग से निकला था। पूरी साजिश बेहद शातिर तरीके से रची गई थी, जिसमें रेकी से लेकर फरारी तक हर कदम पहले से तय था। आरोपी पप्पू सरपंच, अमन सोनी व नरसिंह ने रेकी की। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके और उनकी आपराधिक रणनीति का खुलासा हुआ है। इस मामले में पप्पू सरपंच और अमन सोनी को गिरफ्तार किया है। अब तक पांच आरोपी पकड़े जा सके हैं।
डकैती करने वाले 8 नहीं 10 बदमाश थे, जिन्होंने वारदात को अंजाम दिया। प्लान के तहत मुख्य सरगना डॉक्टर शहजाद और तन्मय बाहर ही मौजूद थे। कार से केवल आठ लोग सोलंकी के घर के अंदर गए थे। शहजाद और तन्मय घर से कुछ दूरी पर आने जाने वालों पर नजर रख रहे थे। इस तरह से आधे घंटे में डकैती की वारदात कर घर से बाहर निकले बदमाशों के साथ कार में बैठकर शहजाद और तन्मय चले गए थे।
ललित सोलंकी के घर डकैती करने का प्लान डॉक्टर शहजाद खान निवासी बेरछा मंडी और तन्मय सिंह हाडा उर्फ तन्नू निवासी ने बनाया था। शहजाद पेशे से डॉक्टर हैं। बेरछा में उसका खुद का क्लीनिक भी हैं। जहां वह दिन में मरीज भी देखता था, जिससे उस पर किसी को शक ना हो। शहजाद ने तन्मय के साथ गिरोह तैयार किया था।
सोलंकी के घर की रेकी आरोपी सोनकच्छ निवासी पप्पू सरपंच उर्फ सुरेंद्र सिंह, अमन उर्फ विवेक सोनी निवासी सोनकच्छ और नरसिंह बघेल निवासी देवास ने की थी। तीनों आरोपियों ने बाइक से सोलंकी के घर पर नजर रखी। उनके घर आने व जाने से लेकर कितने मजदूर हैं वे कब आते हैं और जाते। करीब एक सप्ताह तक तीनों रेकी करते रहे।
क्षेत्र में यह अफवाह फैली थी की ललित सोलंकी घर में गड्ढा दिन निकला हैं। जिसमें सोने के चिक्के, गहने हैं। इस अफवाह को सही मानकर आरोपियों ने करीब आठ माह पहले डकैती का प्रयास किया था। सोलंकी ने हवाई फायर कर दिया था, जिसके बाद आरोपी भाग गए थे। 12 मार्च सुबह 6.30 बजे आरोपियों सोलंकी के घर डकैती की, गनिमत रही की उस दिन सोलंकी परिवार के साथ सतवास गए थे। घर पर तीन मजदूर मिले, जिन्हें बंधक बनाकर 1.60 लाख रुपए और एक बंदूक लूटकर बदमाश ले गए थे।
आरोपी नरसिंह पिता बलिया बघेल देवास कोर्ट में नौकरी करता था। यहां घोटाला करने पर उस पर 420 की धारा में केस दर्ज हुआ था, इस मामले में जब वह जेल में रहा तब उसकी पहचान आरोपियों से हुई थी। इधर डॉ. शहजाद की पुलिसकर्मियों से दोस्ती थी। वह पुलिस के संपर्क में रहता था। जिससे उसे पुलिस के साथ ही कार्य करने का तरीका पता।
आरोपी नरसिंह पिता बलिया बघेल देवास कोर्ट में नौकरी करता था। यहां घोटाला करने पर उस पर 420 की धारा में केस दर्ज हुआ था, इस मामले में जब वह जेल में रहा तब उसकी पहचान आरोपियों से हुई थी। इधर डॉ. शहजाद की पुलिसकर्मियों से दोस्ती थी। वह पुलिस के संपर्क में रहता था। जिससे उसे पुलिस के साथ ही कार्य करने का तरीका पता।
ललित सोलंकी के घर डकैती करने के बाद आरोपियों को साथियों को धार जिले के बाग बुला लिया था। दरअसल एक टीम पहले से ही बाग में ठेकेदार राजकुमार मालवी की रेकी कर रही थी। जिससे आरोपी सीधे धार जिले के मनावर पहुंचे। यहां रात पर एक होटल में पांच कमरे किराए पर लेकर ठहरे थे। एक कमरे में दो बदमाश रुके थे। सुबह होते ही बाग पहुंचे और इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ठेकेदार के घर डकैती की।
गिरफ्तार आरोपियों से यह भी पता चला है कि इनकम टैक्स अधिकारी बनना हो या अन्य कोई अधिकारी वह संजय उर्फ महाराज शर्मा बनता था। दरअसल संजय शर्मा का बातचीत करने का तरीका अधिकारी की तरह है। जिससे उस पर किसी तरह का शक नहीं होता था। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अब तक की गई वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है।
इस मामले में फरार सभी आरोपियों की तलाश में टीम लगाई गई है। सभी पर इनाम घोषित किया है। आरोपियों ने रेकी कर वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अभी तक की वारदातों के बारे में पता लगा रहे हैं। साथ ही आपराधिक रिकॉर्ड भी निकाला जा रहा है। - मनोज कुमार राय, पुलिस अधीक्षक।