ऑनलाइन शॉपिंग व ट्रांजेक्शन के बढ़ते दौर में लोगों के लिए सायबर अपराध बडी चुनौती बन गया है। साइबर अपराध से जुड़े खातों से ट्रांजेक्शन होने की वजह से 80 से अधिक बैंक अकाउंट फ्रीज किए जा चुके है। इसमें आम नागरिक के साथ व्यापारी और सरकारी विभागों में काम करने वाले कुछ रहे हैं कर्मचारियों के भी अकाउंट हैं। इन्हें अब अपना बैंक अकाउंट अनफ्रीज करवाने लिए थानों के चक्कर लगाना पड़ रहा हैं।
जिले में साइबर अपराध के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। इस तरह के अपराध से बचने के लिए पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने में लगी हुई है लेकिन अनजाने में तो कभी लालच में आकर लोग साइबर अपराधियों का शिकार बन रहे हैं। साइबर अपराधी अलग-अलग हथकंडे अपना कर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। साइबर अपराधी इतने शातिर हैं कि जब पुलिस उनके एक तरीके को जान पाती है तो दूसरा तरीका ढूंढ निकालते है। लोग इनके झांसे आकर अपना बैंक अकाउंट खाली करवा रहे हैं या उनके अकाउंट का उपयोग ठग रुपयों के ट्रांजेक्शन में कर रहे हैं।
साइबर अपराध के मामले उजागर होने पर सायबर सेल की जानकारी देने पर बैंक द्वारा अब तक 80 से अधिक बैंक ने अकाउंट को फ्रीज कर रखा हैं। यह बैंक अकाउंट मध्यम वर्गीय से लेकर सरकारी विभागों के कुछ कर्मचारियों के हैं। एक कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से कोतवाली थाने के चक्कर लगा रहा है। उसके बैंक अकाउंट का उपयोग साइबर अपराध में हुआ है। दो माह से अकाउंट बैंक ने फ्रीज कर रखा है। अकाउंट में स्वयं के करीब दो लाख रुपए भी है। वह रुपए निकाल नहीं पा रहा है।
जब किसी का बैंक अकाउंट साइबर अपराध से जुड़ा हुआ पाया जाता है, अकाउंट से रुपयों का ट्रांजेक्शन होता है तब बैंक संदिग्ध अकाउंट को सीज कर देती है। इस तरह की शिकायतें रोज ही आती है कि उनका बैंक अकाउंट फ्रीज है। अवैध रुपयों को छोड़कर लोग अपने जमा रुपए निकालने के लिए बैंक में आवेदन दे सकते हैं। - गायत्री सोनी, साइबर सेल प्रभारी