खंडवा

‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का शुभारंभ, सिर्फ 20 मिनट में पूरा हुआ इंदौर से ओंकारेश्वर का सफर

PM Shri Heli Tourism Service : पहली उड़ान में पांच यात्रियों ने किए ओंकारेश्वर के दर्शन, बोले- 20 मिनट में पहुंच गए। वीआइपी ट्रिटमेंट के साथ यात्रियों ने दर्शन किए। पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा का सांसद, विधायक ने शुभारंभ किया।
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PM Shri Heli Tourism Service
'पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा' का शुभारंभ (Photo Source- Patrika Input)

PM Shri Heli Tourism Service :मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर से 'पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा' के शुभारंभ के बाद ओंकारेश्वर में पहली उड़ान से इंदौर के पांच यात्री ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए सुबह 9 बजे पहुंचे। तीर्थयात्रियों को वीआइपी ट्रीटमेंट के साथ ज्योतिर्लिंग दर्शन कराए गए। दर्शन के बाद तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से ही वापस इंदौर के लिए रवाना हुए।

हेलीकॉप्टर से उतरते ही पांचो तीर्थ यात्रियों का जिला प्रशासन, सांसद और विधायक द्वारा फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। यात्रियों को चाय नाश्ता कराया गया। इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि इस सुविधा से तीर्थयात्री कम से कम समय में ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। विधायक नारायण पटेल ने कहा कि हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों की संख्या को देखते हुए भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवा के राउंड बढ़ाए जाएंगे।

कौन-कौन रहे उपस्थित?

इस मौके पर अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा, पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, सहायक कलेक्टर एवं सीएमएओ डॉ. श्री कृष्णा सुशीर, मंदिर में डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव, नप अध्यक्ष मनीषा परिहार तथा जनपद अध्यक्ष पुनासा राव पुष्पेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

सोशल मीडिया कंटेटर व पार्षद आए दर्शन करने

पहली उड़ान में राजेश उदावत एमआइसी मेंबर इंदौर, मलखान कटारिया पार्षद इंदौर, परशुराम वर्मा पूर्व पार्षद इंदौर, हिमांशु सोनी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर एवं शुभम तिवारी शामिल थे। पहली फ्लाइट में पहुंचे यात्री शुभम तिवारी ने बताया कि वह महेश्वर के रहने वाले हैं। फ्लाई करने के बाद 20 मिनट की जर्नी थी और बहुत ही स्मूथ राइड थी। कम समय में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर के दर्शन एक घंटे के टाइम स्पैन में कर सकते हैं।

फ्लाइट कमांडर राजीव मिश्रा को 35 साल का अनुभव

हेलीकॉप्टर को पहली बार ओंकारेश्वर लेकर पहुंचने वाले लाइव कमांडर राजीव मिश्रा ने बताया कि सौभाग्य है कि महाकाल ने हमें यह मौका दिया कि हम उनके जितने भी दर्शनार्थी हैं उनको लेकर के यहां पर उतर सके। मुझे करीब 35 साल हो गए हैं जहाज उड़ाते हुए। इससे पहले हम उत्तराखंड में चारधाम यात्रा में लगे हुए थे।

Updated on:
22 Nov 2025 09:00 am
Published on:
22 Nov 2025 09:00 am